
सीकर.
शेखावाटी के सबसे बड़े अस्पताल में एक परिवार उस समय चौंक गया जब उनसे शव के पोस्टमार्टम के लिए पैसे मांगे गए। परिजनों ने जब असमर्थता जताई तो बाद में अस्पताल के कर्मचारी ने उनसे जार व अगरबत्ती के लिए तीन सौ से पांच सौ रुपए बटौर लिए। इसके बाद महिला के शव का पोस्टमार्टम हुआ और उसके विसरा जार में रखवाए गए। ताकि जांच के लिए उन्हें जयपुर स्थिति विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भिजवाया जा सके। जानकारी के अनुसार बालाजी भैरूजीनगर कुड़ली की २२ वर्षीय महीमा पत्नी गीगराज ने शुक्रवार को अपने घर में ही बने कुएं में कूदकर जान दे दी थी। परिजनों ने बताया कि कुएं के पास पुदीना लगा हुआ है, जिसे तोडऩे के लिए महीमा अक्सर जाया करती थी। सुबह सात बजे पता लगा कि वह कुएं में कूद गई है। इसके बाद पुलिस को सूचना कर मौके पर बुलाया गया। एसडीएम व तहसीलदार की मौजूदगी में महीमा के शव को कुएं से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए एसके अस्पताल भिजवाया गया। यहां पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सकों की टीम खड़ी रही। जार की व्यवस्था होने पर शव का पोस्टमार्टम किया जा सका। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। लेकिन, पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर में जार तक की व्यवस्था मौजूद नहीं रहना परिजनों को खूब अखरा। जिसे देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी शर्मिंदा हो गए थे।
पिता ने दी रिपोर्ट
दादिया थाने के एसएचओ सुरेश चौहान ने बताया कि महिमा के पिता ने आत्महत्या की रिपोर्ट दी है। जिसके आधार पर जांच की जा रही है। हालांकि आत्म हत्या के पीछे वहज क्या रही। इसका अभी पता नहीं चल पाया है। महीमा की शादी एक साल सात महीने पहले ही गिगराज के साथ हुई थी। विसरा जांच के लिए परिजनों से जार के पैसे लेना उनकी जानकारी में नहीं है।
इनका कहना
अस्पताल के मुर्दाघर में जार की व्यवस्था है। हालांकि इनकी कमी नहीं रहे, इसके लिए डिमांड आगे भिजवाई जा चुकी है। -डा. एसके शर्मा, पीएमओ, एसके अस्पताल सीकर।
Published on:
12 May 2018 09:10 am
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