
सीकर। लोकदेवता गोगाजी रविवार को घर-घर में पूजे गए। गोगाजी के खीर और गुलगुलों का भोग लगाकर परिवार की खुशहाली की कामना की गई। शहर की गोगा मेडि़यों पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते मेले का माहौल रहा।

वहां पर भजन-कीर्तन और ज्योत भी ली गई। गोगा नवमी का पर्व भादव मास की कृष्ण पक्ष की नवमीं तिथि को मनाया जाता है। एेसी मान्यता है कि गोगा देव की पूजा करने से सर्प दंश से रक्षा होती है। वहीं सुख समृद्धि मिलती है।

इस दिन गोगाजी की पूजा के बाद रक्षा बंधन पर बहिनों की ओर से बांधी गई राखियां भी गोगाजी को चढ़ाई जाती है। घरों में अल सुबह ही मिट्टी से बनी गोगाजी की प्रतिमा की पूजा की गई। बाद में लोगों ने गोगामेडी जाकर लोक देवता के दर्शन किए।

शहर के सिटी डिसपेंसरी के पीछे, रोडवेज बस डिपो तिराहा समेत सभी गोगा मेडियों में श्रद्धालुओं की दिनभर भीड़ रही। गोगा मेडियों में आरती और जागरण के कार्यक्रम भी हुए