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…भंवर म्हाने खेलण द्यो गणगौर गीतों के साथ पूजा कर रहीं सुहागिनें, आज निकलेगी शाही सवारी

हाथों में पूजा की थाली और होंठों पर ईसर गणगौर के गीत गुनगुनाती व महिलाएं युवतियां नवरात्र के तीसरे दिन गणगौर माता का पूजन कर रही हैं।

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सीकर

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Naveen Parmuwal

Apr 08, 2019

हाथों में पूजा की थाली और होंठों पर ईसर गणगौर के गीत गुनगुनाती व महिलाएं युवतियां नवरात्र के तीसरे दिन गणगौर माता का पूजन कर रही हैं।

...भंवर म्हाने खेलण द्यो गणगौर गीतों के साथ पूजा कर रहीं सुहागिनें, आज निकलेगी शाही सवारी

सीकर।
हाथों में पूजा की थाली और होंठों पर ईसर गणगौर के गीत गुनगुनाती व महिलाएं युवतियां नवरात्र के तीसरे दिन गणगौर माता का पूजन कर रही हैं। मिट्टी के शिव पार्वती और गणेश बनाकर समूह में घरों और मंदिरों में गणगौर माता का पूजन किया जा रहा है। सामाजिक और धार्मिक त्योहारों में गणगौर का अलग ही स्थान है। इसमें शिव-पार्वती के रूप में ईसर और गौरी की पूजा की जाती है। गणगौर पर गाए जाने वाले गीत भी अहमियत रखते हैं। ...पूजन द्यो गणगौर भंवर म्हाने खेलण द्यो गणगौर, ओ जी म्हारी लाल नणद रा वीर छैल म्हान पूजण द्यो गणगौर...। जैसे गीत तन मन को उत्साहित कर देते है। सीकर शहर में गणगौर मेले की शुरूआत 332 वर्ष पहले ठिकाने के राजमहलों से की गई थी। सांस्कृतिक मंडल की ओर से 53 वर्ष से इसका आयोजन परंपरागत़ ढंग से किया जा रहा है। गणगौर विशेषत: महिलाओं के लिए उत्साह एवं उमंग का त्योहार है। हिन्दू परंपरा के अनुसार सावनी तीज से शुरू हुई श्रृंखला पर गणगौर मेले के बाद कुछ समय के लिए विराम लग जाता है।


गणगौर की शाही सवारी आज
पारंपरिक लोक त्योहार गणगौर की शाही सवारी सोमवार को निकाली जाएगी। गणगौर की सवारी परंपरागत लवाजमे के साथ शाम पांच बजे रघुनाथजी के मंदिर से रवाना होगी। जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई रामलीला मैदान पहुंचेगी। रामलीला मैदान में गणगौर का मेला भरेगा। मेले की आयोजक संस्था सांस्कृतिक मंडल के संयुक्त मंत्री जानकी प्रसाद इंदोरिया ने बताया कि सवारी की वापसी पर माधव स्कूल के सामने स्थित कुएं पर गणगौर विसर्जन बोलावणी होगी। मेले की सवारी घंटाघर होते हुए रघुनाथजी के मंदिर पहुंचेगी। सवारी के रास्ते में पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है।

सिंजारे पर बने पकवान
अखंड सुहाग का पर्व सिंजारा रविवार को मनाया गया। घरों में हलवा-चूरमा आदि पकवान बनाए गए। सिजांरा पर नवविवाहिताओं को ससुराल पक्ष की ओर से उपहार व मिठाइयां आदि भेजी गई। नवविवाहिताओं के साथ जिन युवतियों की सगाई हो चुकी हैं उन्हें भी कपड़े, गहने और मिठाइयां भेजी गई। महिलाओं ने भी सिंजारा पर नए परिधान पहनकर मेहंदी रचाई।