फोन कर बुलाया, जगह नहीं बताई
कांग्रेस प्रत्याशियों को फोन कर होटल बुलाया। उन्हें साथ में कपड़े लेकर आने के लिए कहा गया। लेकिन किसी को भी यह नहीं बताया गया कि उन्हें कहां पर ले जाया जाएगा। जानकारों का कहना कि सभी चौमू के पास रिसोर्ट में रुकने की व्यवस्था की गई है। मतगणना के दौरान उन्हें हस्ताक्षर करने के लिए वापस सीकर लाया जाएगा। यहां पर हारे हुए प्रत्याशियों को मुक्त कर दिया जाएगा।
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बच्चों को भी नहीं लेकर गए साथ
महिला पार्षदों के साथ उनके पति और बच्चे भी पहुंचे थे। लेकिन उन्हें साथ नहीं ले जाया गया। एक महिला प्रत्याशी के दस वर्षीय बच्चे को घर भेज दिया गया। हालांकि कुछ महिला प्रत्याशियों के पति बाद में साथ चले गए।
परिवार के साथ चाय पर चर्चा करेंगे
निकाय चुनाव में मोर्चा संभाल रहे विधायक राजेन्द्र पारीक की इसमें प्रमुख भूमिका रही। विधायक ने सभी प्रत्याशियों को बस में बैठाया। परिजनों को बताया कि वे उनके साथ है, किसी तरह की परेशानी की कोई बात नहीं है। पारीक से जब बाड़ेबंदी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बाड़ेबंदी जैसी कोई बात नहीं है। चुनाव के चलते पिछले लम्बे समय से व्यस्त कार्यक्रम चल रहा था। अब परिवार के साथ चाय पर चर्चा के साथ शहर के विकास की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
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जीतने वाले निर्दलीयों पर पार्टियों के डोरे
निकाय चुनाव में कांग्रेस और भाजपा भले ही अपने दम पर सीकर नगर परिषद में बोर्ड बनाने के दावे कर रही हो, लेकिन दोनों ही पार्टियों के नेता रविवार को दिनभर निर्दलीयों पर डोरे डालने में लगे रहे। कांग्रेस में यह जिम्मा सीकर नगर परिषद सभापति जीवण खां ने संभाल रखा है। वहीं भाजपा में भी यह प्रयास शुरू हो गए हैं, लेकिन इस कार्य में अभी दोनों ही पार्टियों के दिग्गज नेता सक्रिय दिखाई नहीं दिए।