
खाटूश्यामजी.श्री श्याम दरबार सूरजगढ़ का 369 वां निशान श्याम बाबा के लक्खी मेले पर नवमी शनिवार को अपनी हाजिरी लगाने खाटूधाम पहुंचा है। लगभग डेढ़ सौ वाहनों के काफिले,जिसमें ऊँटगाड़ी,ट्रेक्टर व मोटरकार आदि साधनों के साथ मण्ढ़ा रोड़ स्थित श्री श्याम दरबार सूरजगढ़ धर्मशाला कोसी टीबा पर यह पावन निशान पहुंचा यात्रा में आगे भक्त हनुमानजी की लाल ध्यजा लिए चल रहे थे। उसके पीछे सीगड़ीधारी महिलाए एवं पदयात्रियों के रैले के साथ श्याम बाबा का सफेद निशान जिसपर लीले पर सवार श्याम का मनमोहक चित्र अंकित था। इस बार सिर पर सिगड़ी लिए इक्यावन से भी अधिक महिलाओं के साथ तकरीबन दस हजार के करीब श्रद्धालुओं के साथ यह निशान अपने गंतव्य स्थान पहुंचा।
इस काफिले की अगुवाई इंदौरिया परिवार के हरिराम, गोपीराम, हजारीलाल, नौरंगलाल व कूरड़ाराम ने की। निशान के समक्ष नतमस्तक होते श्याम प्रेमियों को उत्साह व खुशी देखने लायक थी। इस निशान की समुची यात्रा के दौरान पवित्रता व पारम्परिक रीतियों का पूर्णत: पालन किया जाता है। बारस को सुबह सवा ग्यारह बजे निशान श्याम बाबा को अर्पित किया जाएगा।
श्याम दर्शन को आए श्रद्धालु की हृदयघात से मौत
खाटूश्यामजी. बाबा श्याम के दर्शन के बाद सालासर के लिए बस में बैठने से पहले हृदयघात से कोलकाता के एक श्रद्धालु की मौत हो गई। मृतक के साथ आए श्रद्धालुओं ने प्रशासन पर मेले में माकुल चिकित्सा व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया है। कोलकाता निवासी नितिन बिदलानी (47) पुत्र हरगोविंददास शनिवार सुबह रींगस से निशान लेकर पदयात्रा करते हुए खाटूधाम पहुंचे। जहां उन्होंने सुबह 6 बजे बाबा श्याम के दर्शन किए। बाद में सालासर के लिए बस में सवार हुए। इसी बीच घबराहट होने पर उन्हें पास के क्लिनिक पर ले गए। वहां से सरकारी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मृतक प्लाईवुड का व्यापारी था।
भक्तों ने सडक़ किनारे लगाया डेरा
खाटू कस्बे में बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने तो अपने ट्रक, पिकअप आदि को ही अपना घर बना लिया और उसी में बिस्तर लगाकर सो रहे हैं। सडक़ किनारे पर लगे छोटे-छोटे टेंट में बाहर से आई महिलाएं खाना बनाते व बाबा श्याम की भक्ति में रंगी नजर आ रही है। लक्खी मेले के कारण भक्तों की भीड़ के कारण सभी धर्मशालाओं, होटलों व गेस्ट हाउस में कमरे बुक हो चुके हैं। कई श्रद्धालु सडक़ किनारों पर ही टेंट लगाकर बैठ गए हंै।
पग पग पर होती मनुहार
रींगस से लेकर खाटूधाम तक पग पग पर भण्डारे लगे हुए है। रींगस से निकले ही कदम कदम पर सेवा को तत्पर लोग भक्तों की सेवा बंदगी में लगे हैं। कोई भक्तों को शरबत पिला रहा है, तो कोई अनुनय विनय कर सेवा में जुटा है। ।
इस दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटा
खाटूश्यामजी. यह ऐसा दरबार है कि जहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटा। बाबा सबकी मनोकामना पूरी करते हैं। प्रख्यात कथावाचक जया किशोरी ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि वे जब सात साल की थी, तभी से बाबा की भक्ति में जुटी हैं। बरसों से बाबा के दरबार में सेवा कार्य में जुटी हूं। उन्होंने बताया कि श्याम मंडल नूतन बाजार कोलकाता के तत्वावधान में खाटूश्यामजी के फाल्गुनी मेले में विगत 40 वर्षों से चल रहे भोजन के सेवा कार्य में पिछले 10 साल से जया किशोरी भी पूरा सहयोग कर रही हैं।
श्याम मंदिर मूंडरू में श्याम भक्तों की भीड़
मूंडरू. हारे के सहारे बाबा श्याम का लक्खी फाल्गुन मेला महोत्सव में प्राचीन श्याम मंदिर मूंडरू में श्याम भक्तों के आने का सिलसिला अनवरत जारी है। श्याम भक्त प्राचीन श्याम मंदिर मूंडरू में शीश नवाकर खाटूश्यामजी की ओर बढ़ रहे हैं। 11 दिवसीय महोत्सव में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, अलवर सहित देश के कोने-कोने से श्याम भक्त बाबा के दरबार में शीश नवाकर मन्नत मांग रहे हैं। बाबा श्याम के लक्खी फाल्गुन मेले में प्राचीन श्याम मंदिर मूंडरू का आकर्षक दरबार सज कर तैयार हो गया है।
घर पर फहाराने के लिए ले जाते है ध्वजा
श्याम भक्तों का मानना है कि जिस घर पर श्याम ध्वजा लहराती है उसके परिवार पर कोई विपदा नहीं आती। इसलिए श्याम दर्शन को आने वाले मंदिर से लौटते समय दरबार में श्रद्धालुओं द्वारा चढाई गई ध्वजा को अपने साथ घर पर लेकर जाते है। तो एक ओर यही श्याम ध्वजा से बने दुपट्टे श्याम दर्शन को आने वाले वीआईपी, वीवीआईपी आदि भक्तों के स्वागत सत्कार के काम में लिए जाते है। वही यज्ञ या अन्य कार्यक्रमों में श्याम ध्वजा का इस्तेमाल किया जाता है। कलियुगी अवतारी बाबा श्याम के देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी भक्त बसे हुए है। जो मेले सहित अन्य अवसरों पर पदयात्रा कर लखदातार को निशान अर्पित करते है।
‘शीश के दानी का सारे जग में डंक़ा बाजे’
रामगढ़ शेखावाटी. कस्बे के श्याम मित्र मंडल की ओर से तीन दिवसीय फाल्गुन मेले का शुभारंभ शुक्रवार शाम को सांस्कृतिक संध्या के साथ किया गया। फतेहपुरिया चौक में आयोजित संास्कृतिक संध्या में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सांस्कृतिक संध्या में बाबा का पुष्पों से आकर्षक शृंगार कर झांकी संजाई गई। वहीं बाबा के छप्पन भोग की झांकी भी संजाई गई। सांस्कृतिक संध्या का आगाज राजीव बुटोलिया ने गणपति वंदना ‘गजानंद महाराज पधारो’ भजन के माध्यम से किया। भजन संध्या में मुम्बई के गायक कलाकार मनोज मिश्रा ने ‘शीश के दानी का सारे जग में डक़ा बाजे’ भजन के माध्यम से श्याम बाबा की महिमा का बखान किया। भजन संध्या में रात्रि एक बजे तक कलाकारों ने भजनों के माध्यम से बाबा की भक्ति का बखान किया।
Published on:
25 Feb 2018 12:45 pm
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