16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कीचड़ और फिसलन भरी राह दे रही दर्द

- ग्राम पंचायत प्रेमपुरा के उड़ायता गांव का मामला

2 min read
Google source verification
कीचड़ और फिसलन भरी राह दे रही दर्द

कीचड़ और फिसलन भरी राह दे रही दर्द


बड़ौदा
जरा संभलकर ग्राम पंचायत प्रेमपुरा के उड़ायता गांव की कीचड़ और फिसलन भरी राह आपको अस्पताल पहुंचा सकती है। पैदल और दोपहिया वाहन इस रास्ते से चलना आसान नहीं है। यहां कीचड़ और फिसलन के चलते निकलना दूभर हो गया है। कई ग्रामीण फिसलकर घायल होने के चलते वह रास्ते से गुजरने से डरते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने इसकी सुध नहीं ली है।
चैनपुरा हनुमान मंदिर से उंडायता जाने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल है। इससे बारिश में अब पैदल चलना भी मुश्किल है। प्रेमपुरा पंचायत में आने वाले इस रास्ते को बनवाने के लिए लंबे समय से ग्रामीण मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इसे बनवाए जाने को लेकर कोई प्लान तैयार नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि ज्यादा बारिश होने पर उनको गांव में ही रहना पड़ता है।
पैदल तो छोडिए टै्रक्टर तक निकलने में होती है दिक्कत
कच्ची सड़क पर बारिश के दिनों में पैदल तो छोडि़ए ट्रैक्टर को निकालने में परेशानी आती है। मोटर साइकिल तो निकल ही नहीं पाती। घुटने-घुटने कीचड़ भरी सड़क में पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। किसान भी खेत पर नहीं जा पा रहे हैं। खेतों तक खाद बीज भी किसान नहीं ले पा रहा है।
रास्ते को पक्का करने की मांग
ग्रामीण कहना है कि इस सड़क को किसी भी योजना में शामिल कर प्रशासन को बना देना चाहिए। जिससे समस्या का समाधान हो सके। ललितपुरा के पास से कुहांजापुर हाइवे से लिंक रोड चैनपुरा हनुमान मंदिर से होकर उडायता तक जाती है जिसमें हाइवे रोड़ से मंदिर तक सीसी रोड़ है। मंदिर से उंडायता तक सड़क बननी है।

इनका कहना है
लंबे समय से कच्चे रास्ते की समस्या बनी हुई है। हम लोग पक्की सड़क बनाए जाने की मांग भी कर चुके हैं, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई।
महावीर मीणा, निवासी उड़ायता

बारिश के समय इस रास्ते से निकलना काफी मुश्किल होता है। वर्तमान में रास्ते पर कीचड़ जमा होने के कारण निकलना दूभर हो रहा है।
घनश्याम मीणा, निवासी हथबाड़ी

रास्ते को पक्का कराने के लिए लंबे समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। बारिश के समय इस रास्ते से नहीं निकल पाते।
कैलाश मीणा निवासी उड़ायता