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एशियाई शेरों के लिए पूरी तरह मुफीद है कूनो, सर्वाइव कर सकते हैं 40 शेर

चार दशक पूर्व बने कूनो अभयारण्य को दो दशक है एशियाई शेरों का इंतजार, एक्सपर्ट कमेटी के दौरे से कूनो की उम्मीदें 100 फीसदी बढ़ी

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Shyamendra Parihar

Dec 18, 2016

 lion

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श्योपुर ।
बीते चार दशक पूर्व बने कूनो पालपुर वन्यजीव अभयारण्य में दो दशक पूर्व ऐशियाई शेर लाने का जो सपना दिखाया, वो अब साकार होने की संभावना बलवती हो गई है। क्योंकि सिंह परियोजना के दो दशक के इतिहास में पहली बार एक्सपर्ट कमेटी की बैठक कूनो में ही हो रही है, जिससे कूनो की उम्मीदें 100 फीसदी बढ़ गई है। हालांकि शेर शिफ्टेशन का निर्णय एक्सर्पट कमेटी की बैठक के बाद होगा, लेकिन ऐशियाई शेरों के लिए कूनो पूरी तरह मुफीद और तैयार है।


कूनो की आवोहवा और उसका हैबीटेट ऐसा है कि यहां एक साथ 40 एशियाई शेर एक साथ सर्वाइव कर सकते हैं। विशेष बात यह है कि कूनो को नेशनल पार्क बनाने और एरिया बढ़ाने का प्रस्ताव भी लंबित है, ऐसे में एरिया बढऩे के बाद तो यहां 80 शेर सर्वाइव कर सकते हैं। जबकि शिफ्टेशन की प्रक्रिया में तो सिर्फ 6 से 8 शेर ही आने हैं। यही वजह है कि आज आ रही एक्सपर्ट कमेटी की टीम और फिर होने वाली बैठक से श्योपुर जिलेवासियों को पूरी उम्मीद है कि कूनो में शेरों का इंतजार जल्द खत्म होगा।


गिर से भी अच्छा घर होगा कूनो

विशेषज्ञों की माने तो एशियाई शेरों के लिए 345 वर्ग किलोमीटर के एरिया में फैला कूनो-पालपुर वन्यजीव अभयारण्य गुजरात के गिर अभयारण्य से भी बेहतर घर होगा। क्योंकि यहां न केवल बेहतर वनक्षेत्र और ग्रासलैंड है, बल्कि शेरों के लिए भोजन के लिए आवश्यक वन्यजीवों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। कूनो में नीलगाय, चीतल, चिंकारा आदि वन्यजीव भी बहुतायत में जो शेरों केा सर्वाइव करने के लिए काफी हैं।