15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ट्रांसफार्मर में लगी आग, घंटो गुल रही गांव की बिजली

ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा

2 min read
Google source verification
news

ट्रांसफार्मर में लगी आग, घंटो गुल रही गांव की बिजली

सीहोर. नसरुल्लागंज तहसील के ग्राम गोपालपुर सड़क के किनारे लगे ट्रांसफार्मर में आग लग गई। जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। साथ ही गांव की बिजली भी गुल हो गई। ऐसे में ग्रामीणों को भीषण गर्मी में रात जगा करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

ग्राम गोपालपुर में सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। जिसे ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए रेत और मिट्टी की मदद से बुझा दिया, नहीं तो बड़ा हादसा घटित हो सकता था, क्योंकि इस मार्ग पर कई ग्रामीणों का आना-जाना रहता है। इस संबंध में ग्रामीण रामविलास गौर, मुबारिक खां ने बताया कि कुमानताल रोड पर लगे ट्रांसफार्मर में दोपहर में आग लग गई। जो धीरे-धीरे विकराल रूप धारण करती जा रही थी। ऐसे में हमने और अन्य ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर रेत और मिट्टी फेंककर काबू पाया, नहीं तो बड़ा हादसा घटित हो सकता था। इस मार्ग पर पैदल और वाहन चालक हर समय निकलते हैं। कंपनी को जर्जर ट्रांसफर्मार दुरुस्त करना चाहिए।

माना क्षेत्र में ढाई घंटे गुल रही बिजली
बुदनी. बिजली कंपनी की मनमानी का खामियाजा इन दिनों माना क्षेत्रवासियों को भुगतना पड़ रहा है। रात्रि के दौरान बार-बार की जा रही बिजली कटौती से लोगों को रात्रि जागरण करने को मजबूर कर दिया है। शनिवार की रात का 12 बजे गुल हुई बिजली रात्रि 2.30 पर वापस आई। ऐसे में लोगों को रतजगा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसी प्रकार शुकवार शाम 6 बजे गुल हुई बिजली रात्रि 9 बजे आई थी। लोगों का कहना है कि बिजली कंपनी द्वारा की जा रही बार-बार की कटौती ने इस भीषण गर्मी में हमारे सामने काफी दिक्कतें खड़ी कर दी हैं।

झूलते तार दे रहे हादसों को आमंंत्रण
बरखेड़ी. बिजली कंपनी द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर तो लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसका असर क्षेत्र में कहीं दिखाई नहीं देता। क्षेत्र के गांव रामाखेड़ी व बिजलोन में सड़क पर ही तार झूल रहे हैं। जो वाहन चालकों के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए हादसों का सबब बन रहे हैं। वहीं कई गांवों में पेड़ों और लकडिय़ों की बल्लियों के सहारे बिजली करंट दौड़ रहा है।

ग्रामीण मुकेश त्यागी, प्रीतम कुशवाहा, जगदीश मेवाड़ा ने बताया कि खेतों में बिजली के तारों को पेड़ों के सहारे लटका दिया गया है। बिजली के नंगे तार खेतों में झूल रहे हैं जो किसी भी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। बिजली कंपनी की अनदेखी के चलते गांवों में लकड़ी की बल्लियों के सहारे बिजली व्यवस्था होते नजर आ रही है जो कभी भी ग्रामीणों के लिए हादसे का कारण बन सकती है। बिजली कंपनी द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ रस्म अदायगी ही की जा रही है। कई गांव में खेतों पर लटकते तार से हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है।