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नगर विकास कर वसूली में नगर परिषद फिसड्डी, बकायादारों पर नहीं हो रही कार्रवाई…

नगर विकास कर वसूली में नगर परिषद फिसड्डी, बकायादारों पर नहीं हो रही कार्रवाई...

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सवाईमाधोपुर . नगर विकास कर वसूली में नगर परिषद फिसड्डी साबित हो रही है। नगर विकास कर में आ रहे सैकड़ों व्यावसायिक एवं आवासीय भवनों से लम्बे अर्से से वसूली नहीं हो रही है। यही वजह है कि अब तक साढ़े पांच सौ भवन मालिकों में से केवल 40 व्यक्तियों ने ही कर जमा कराया है, जबकि 510 भवन मालिकों के कर बकाया है।
परिषद का व्यावसायिक एवं आवासीय भवन मालिकों पर लाखों रुपए राजस्व बकाया चल रहा है। इससे एक ओर परिषद को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। परिषद ने भवन मालिकों को पूर्व में नोटिस थमाए थे, लेकिन इनका कोई असर नहीं पड़ा।

नहीं दिखा रहे रूचि
भवन मालिक भी सरकारी नियमों की अनदेखी कर रहे है। परिषद के अनुसार राज्य सरकार की ओर से नगरीय विकास कर अप्रेल 2007-08 से लागू किया गया था, लेकिन सख्ती के अभाव में भवन मालिक कर जमा कराने में रुचि नहीं दिखा रहे। यही वजह है कि परिषद के अब तक करीब 50 लाख रुपए बकाया चल रहे हैं।

स्मार्टराज प्रोजेक्ट के तहत सर्वे कराया
राज्य सरकार की ओर से स्मार्टराज प्रोजेक्ट के तहत शहरी क्षेत्र में लोगों के मकानों एवं भवनों की सम्पत्तियों का सर्वे कराया जा रहा है। अब तक करीब 13 हजार 500 भवनों का सर्वे किया जा चुका है। इसमें नगरीय विकास कर के दायरे में आ रहे भवनों का इन्द्राज किया जा रहा है। इससे नगर परिषद को उन भवनों की स्थिति का पता चल रहा है।

अब तक 550 भवनों की फाइल तैयार
परिषद अधिकारियों ने बताया कि स्मार्टराज प्रोजेक्ट के तहत प्राप्त सर्वे रिपोर्ट की जांच की गई। इसमें करीब 550 भवन नगरीय विकास कर के दायरे में पाए गए। परिषद ने सभी को पूर्व में नोटिस भी थमाए थे, लेकिन अब तक केवल 40 व्यक्तियों ने ही कर जमा कराया है।

इन साइज के भवन दायरे में
परिषद अधिकारियों ने बताया कि 100 वर्ग गज से ज्यादा के व्यावसायिक एवं 300 वर्ग गज से ज्यादा के आवासीय भवनों पर नगरीय विकास कर लागू होता है।
50 लाख बकाया
परिषद अधिकारियों की माने तो 550 भवन मालिकों पर करीब 50 लाख रुपए राजस्व कर बकाया चल रहा है। वसूली होने से परिषद को आय होगी। इस राशि से विकास कार्य कराए जा सकेंगे।


सीज करने की करेंगे कार्रवाई
यूडीटैक्स के दायरे में आने वाले भवन निर्माताओं को नोटिस दिए गए है। नोटिस के अनुसार उन्हें बकाया राशि जमा करानी है। यदि वे राशि जमा नहीं कराते है तो कर वसूली के लिए सम्पत्ति कुर्क या सीज की जाएगी।
सुरेन्द्रङ्क्षसह यादव, आयुक्त, नगरपरिषद, सवाईमाधोपुर

विधवा को मिली हक की जमीन
सवाईमाधोपुर. सिविल न्यायाधीश मनोज कुमार गोयल ने गुरुवार को जमीन बेचान के एक मामले में फैसला सुनाते हुए विधवा के हक की जमीन की रजिस्टरी को खारिज कर दिया। वहीं प्रतिवादीगण को उक्त जमीन का बेचान, रेहन व अन्य किसी तरीके से खुर्दबुर्द नहीं करने के लिए पाबंद किया।
अधिवक्ता महेन्द्र वर्मा ने बताया कि प्रार्थिया रूपलीदेवी मीणा ने तुलसा देवी पत्नी रामलाल मीणा व गंदोड़ी पत्नी स्व. नारायण मीणा व हनुमान मीणा के खिलाफ उसके हिस्से की जमीन का अवैध तरीके से बेचान करने का आरोप लगाते हुए वाद दायर किया था। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलील व पेश दस्तावेजों के अवलोकन के पश्चात वादिया के पक्ष में उपरोक्त फैसला सुनाया।