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10 एकड़ में फैले व्यंकटेश उद्यान की एक दिन में बदली सूरत, इस तरह किया गया कायाकल्प

ये विकास की बयार है, निगमायुक्त एवं टीम ने पार्क विकसित कर रचा इतिहास

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Venkatesh Temple Park Rejuvenation in satna

Venkatesh Temple Park Rejuvenation in satna

सतना। मन में यदि दृढ़ संकल्प और कार्य करने का जज़्बा हो तो एक दिन में बड़े से बड़ा कार्य भी किया जा सकता है। वह भी बिना किसी कठिनाई के। यह सिद्ध कर दिखाया है नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल एवं उनकी टीम ने एक दिन में साढ़े दस एकड़ क्षेत्र में सर्वसुविधायुक्त पार्क विकसित कर।

निगम प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण एक दशक से बदहाल शहर की ऐतिहासिक धरोहर व्यंकटेश मंदिर और उद्यान को संवारने के लिए निगमायुक्त ने इंजीनियरों से योजना बनवाई और रविवार को उस पर अमल शुरू कर दिया।

मंदिर परिसर की साफ-सफाई

सुबह आयोजित कार्यक्रम में निगम प्रशासन के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर व्यंकटेश मंदिर, मंदिर परिसर स्थित तालाब और पार्क के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया। इसके बाद निगमायुक्त की निगरानी में उद्यान के कायाकल्प का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया।

कटीली झाडि़यों की जगह हरा भरा दिखने लगा

जो पार्क सुबह बदहाल पड़ा था, शाम होते-होते उसमें दो रंग-बिरंगे फब्बारे चलने लगे। कटीली झाडि़यों की जगह हरे सुंदर पेड़-पौधों से पूरा पार्क हरा भरा दिखने लगा। जो पार्क सुबह उजड़ा पड़ा था, देर शाम तक उसमें चलने के लिए वाकिंग पाथ-वे, बैठने के लिए कुर्सियां और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले लगा दिए गए।

150 श्रमिकों ने किया काम
एक दिन में पार्क विकसित कर इतिहास रचने के इस कार्य में लगभग १५० श्रमिकों ने श्रमदान किया। १०० श्रमिक निगम के तथा आधा सैकड़ा श्रमिक ठेकेदार के शामिल रहे। एक दर्जन इंजीनियर एवं अधिकारियों की निगरानी में आधी रात तक पार्क के जीर्णोद्धार का कार्य अनवरत चलता रहा। निर्माण में लगने वाले वित्त का प्रबंध जनभागीदारी एवं सीएसआर से किया जा रहा है।

दो सप्ताह से चल रही थीं तैयारियां
निगमायुक्त के निर्देश पर व्यंकटेश मंदिर परिसर के कायाकल्प की तैयारी निगम अधिकारी लगभग दस दिन से कर रहे थे। पार्क विकास का प्रोजेक्ट और ड्राइंग तैयार होने के बाद निगमायुक्त ने इंजीनियरों को राजेंद्र नगर पार्क की तरह ही व्यंकटेश मंदिर परिसर का विकास एक दिन में करने के लिए हरी झंडी दे दी। मंदिर के सौंदर्यीकरण में लगने वाली सामग्री का प्रबंध दो दिन पूर्व ही कर लिया गया था।

नवाचार से बहुरने लगे पार्कों के दिन
नवाचार के तहत निगमायुक्त ने बीते माह 'एक दिन-एक पार्कÓ थीम पर पार्क विकास करने का निर्णय लिया था। एक दिन में पार्क विकसित करने का पहला प्रयोग निगम प्रशासन द्वारा १६ सितंबर को राजेन्द्र नगर प्रभात विहार कालोनी स्थित पार्क को विकसित कर किया गया था। लगभग आधा एकड़ में स्थित इस पार्क का निगम इंजीनियरों ने महज १५ घंटे में सर्वसुविधायुक्त बनाकर कायाकल्प कर दिया था। पार्क विकसित करने का यह प्रयोग फसल रहा।

एक दिन में यह किया
- पार्क परिसर व तालाब की सफाई
- वाकिंग पाथ-वे और पत्थर के डिवाइडर का निर्माण
- फब्बारा चेम्बर की मरम्मत
- बांउड्रीवाल का निर्माण
- तालाब के चारों ओर तार से फेंसिंग
- कचरा प्रबंधन के लिए चेम्बर का निर्माण
- गंदा पानी स्टोरेज के लिए सोख्ता गड्ढा
- पार्क परिसर में बिजली फिटिंग एवं स्ट्रीट लाइट

व्यंकटेश मंदिर उद्यान का कायाकल्प जनभागीदारी से कराया जा रहा है। मंदिर के जीर्णोद्धार एवं उद्यान के समग्र विकास की कार्य योजना बनाई गई है। जनता सहयोग करे सभी पार्कों का सौंदर्यीकरण होगा।
प्रतिभा पाल, निगमायुक्त, सतना

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