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फायरिंग का मामला: एक दिन पहले ही हुई थी कॉलेज में मारपीट, पुलिस ने पकड़ कर छोड़ दिया था आरोपी को

डिग्री कॉलेज में फायरिंग का मामला: बुधवार को फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश

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सतना

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Suresh Mishra

Aug 29, 2019

Satna degree college firing Case: Police release accused in satna

Satna degree college firing Case: Police release accused in satna

सतना/ मध्यप्रदेश के सतना शहर स्थित डिग्री कॉलेज में अब आये दिन विवाद हो रहा है। मंगलवार को हुई मारपीट की घटना के बाद बुधवार को फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की गई। मामले में कोलगवां पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है। सूत्रों की मानें तो दहशत फैलाने वाले लोगों को छात्रों ने प्रोफेसरों की मदद से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। लेकिन सूचना के बाद पहुंचे पुलिस के जवानों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर आरोपियों को छोड दिया।

छात्रों का कहना है कि दिनदहाड़े गोली चलाने की घटना मंगलवार को परिसर के अंदर हुए विवाद के बाद विद्यार्थियों में दहशत फैलाने की यह कोशिश है। मंगलवार को लकी और पियूष नाम के दो युवक बाइक से कॉलेज के अंदर नशे में पहुंचे थे। सभागार के सामने इन्होंने एक छात्रा पर बाइक भिड़ा दी। इसका विरोध जब उसके सहपाठी ने किया तो उसके साथ इन लोगों ने मारपीट शुरू कर दी।

युवकों को जमकर सबक सिखाया

कॉलेज के विद्यार्थी से मारपीट होती देख यहां कॉलेज के अन्य विद्यार्थी भी एकत्र हो गए और इन युवकों को जमकर सबक सिखाया। इसके बाद ये दोनों युवक भाग गए। लेकिन कुछ ही देर बाद ये लोग अपने साथ अन्य गुंडे-मवालियों को हथियारों के साथ लेकर पहुंचे। फिर कॉलेज में तांडव मचाने लगे। छात्रों के साथ मारपीट होती देख कॉलेज के प्रोफेसर प्रभाकर सिंह सहित अन्य बीच बचाव के लिये आए। इस दौरान यहां कोलगवां पुलिस भी पहुंच गई।

पुलिस का संरक्षण
विद्यार्थियों ने बताया कि यहां उत्पात मचा रहे यवकों में से एक आकाश नामक युवक को प्रोफेसर प्रभाकर सिंह ने पकड़ लिया था। जिसे थापा नामक पुलिस कर्मी को उन्होंने सौंप दिया। लेकिन थापा ने आकाश को अपना भाई बताते हुए उसको गाड़ी की चाबी देकर भगा दिया। इसके बाद दो युवकों लकी और पियूष को अपने साथ लेकर चली गई। बताया गया है कि पुलिस ने इस पूरे मामले में किसी पर कोई प्रकरण कायम नहीं किया और सबको छोड़ दिया।