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Lok Sabha Election 2019: BJP का गणेश पर चौथी बार भरोसा, पढ़ें जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर संसद तक का सफर

Lok Sabha Election 2019: BJP का गणेश पर चौथी बार भरोसा, पढ़ें जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर संसद तक का सफर

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Lok Sabha Election 2019: BJP ticket declared Ganesh Singh in Satna

Lok Sabha Election 2019: BJP ticket declared Ganesh Singh in Satna

सतना। भाजपा ने सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए लोकसभा चुनाव के लिए सतना संसदीय सीट से गणेश सिंह को मैदान में उतार दिया है। पार्टी शीर्ष नेतृत्व में चौथी बार उन पर भरोसा जताया। इससे पहले लगातार तीन जीत हासिल कर गणेश सिंह पार्टी के विश्वास पर खरे उतरते रहे हैं। इस बार टिकट बंटवारे से ऐनवक्त असंतुष्टों की टोली सामने आ गई थी। मनसुख पटेल और अरुण द्विवेदी जैसे भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुलकर विरोध जता दिया था और प्रत्याशी बदलने की मांग की थी। वहीं मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी व सतना पूर्व विधायक शंकरलाल तिवारी का नाम भी समर्थकों ने आगे बढ़ाया। इसके पीछे ब्राह्मण राजनीति का कार्ड खेलने का प्रयास था। वहीं जिले के कई वरिष्ठ भाजपा नेता पार्टी स्तर से बदलाव की मांग कर चुके थे। लेकिन, सांसद गणेश सिंह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी दावेदारी मजबूती के साथ रखने में सफल रहे।

बताया जा रहा था कि विगत वर्षों की अपेक्षा इस बार सतना को लेकर दुविधा की स्थिति बनी थी। जानकार मानकर चल रहे थे कि पार्टी विंध्य के चेहरों में बदलाव कर सकती है, इसमें सतना भी शामिल हो सकता है। इसका असर भी देखने को मिला। अंतिम समय में जब शीर्ष नेतृत्व टिकट को लेकर मंथन कर रहा था, तब भी गणेश सिंह नई दिल्ली में डेरा जमाए हुए थे। वे हर पल की खबर लेने में लगे हुए थे कि आखिर क्या होने वाला है? इसके पीछे कारण था कि विगत रायशुमारी के दौरान कई जिले के कई नेताओं ने आपत्ति जताई थी। हालाकि, शनिवार शाम को जब टिकट की घोषणा हो गई, तो गणेश सिंह राहत की सांस लिए और ट्रेन से सतना के लिए रवाना हुए। वे रविवार सुबह सतना पहुंचकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद आगे की चुनावी रणनीति तय करते हुए मोर्चा संभालेंगे।

राजनीतिक पारी
गणेश सिंह ने 1995 से सतना की सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। 2002 में जिपं अध्यक्ष बने। उसके बाद 2004, 2009, 2014 में लगातार तीन बार सांसद चुने गए। संसद की कई कमेटियों में सदस्य रहे हैं।

मुकाबले का क ख ग
अभी तक कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। 1996 से कांग्रेस जीत के लिए तरस रही है। 1998 से भाजपा का कब्जा है। गणेश सिंह जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं।

ये होंगे मुद्दे
सतना के अधूरे विकास कार्य, सीमेंट कंपनियों में स्थानीय रोजगार, संभाग बनाने की मांग, जिले की रेल परियोजनाएं प्रमुख मुद्दा हैं।

खास बात
- 15 साल से लगातार सांसद
विस चुनाव 2018
- सतना में 7 विधानसभा हैं। पांच पर भाजपा का कब्जा है। केवल 2 सीट चित्रकूट व सतना में कांग्रेस विधायक हैं।

जाति का गणित
- ब्राह्मण 16 प्रतिशत
- क्षत्रिय 08 प्रतिशत
- वैश्य 03 प्रतिशत
- ओबीसी 35 प्रतिशत
- एससी 18 प्रतिशत
- एसटी 16 प्रतिशत
- अल्पसंख्यक 04 प्रतिशत