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सतना। धर्म नगरी चित्रकूट में मां मंदाकिनी के तट पर दीपदान करने के लिए भक्तों का कारवां जुटने लगा है। कार्तिक मास की स्नानदान अमावस्या के एक दिन पहले ही तकरीबन 7 लाख भक्त पहुंचकर पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। पांच दिन चलने वाले मेले में एमपी-यूपी को मिलाकर करीब 40 से 50 लाख भक्त पहुंचकर दीपदान करते है।
दीपदान मेला पर आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंगलवार से पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर ने शाम को ही 1900 पुलिस बल सहित अधिकारी और कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारी बताते हुए ड्यूटी पर रवाना कर दिया। इसमें पैरामिलिट्री फोर्स की 10 कंपनी भी शामिल है।
16 डीएसपी मेला व्यवस्था में तैनात
मेला की सुरक्षा व्यवस्था का प्रभारी एडिशनल एसपी गुरुकरण सिंह को बनाया गया है। इनके साथ एडिशनल एसपी आजाक रीवा मण्डलोई भी रहेंगे। रक्षित निरीक्षक राहुल देवलिया ने बताया कि दो एडिशनल एसपी के साथ 16 डीएसपी मेला व्यवस्था में तैनात किए गए हैं। इनके अधीनस्थ निरीक्षक, उप निरीक्षक और बाकी स्टॉफ लगाया है। मेला में सुरक्षा व्यवस्था के लिए जबलपुर जोन के सिवनी, मंडला, छिंदवाड़ा, बालाघाट, रीवा, सीधी, सागर से बल मंगाया गया है। सतना जिले के साढ़े 4 सौ पुलिसकर्मी लगाए गए हैं।
मैहर में रहेगी भीड़
पुलिस अधीक्षक ने एसडीओपी मैहर और टीआई थाना मैहर को चित्रकूट मेला ड्यूटी से अलग रखा है। मैहर थाना का बल भी इस बार नहीं लगाया गया। पुलिस का मानना है कि चित्रकूट के कई दर्शनार्थी मैहर दर्शन को भी जाते हैं।
घुड़सवार बल की नजर
चित्रकूट मेला में छह घुड़सवार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जो यातायात व्यवस्था पर नजर रखेंगे। कामदगिरी परिक्रमा, मुखारबिंद और मप्र की सीमा के घाट के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखा रखा गया है। साथ ही सीमाई रास्तों पर वाहनों की सघन जांच कराई जा रही है।
डकैतों पर नजर
दस्यु उन्मूलन अभियान में काम करने वाले पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने मुखबिरों से संपर्क बनाए रखें। किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करें। मझगवां से चित्रकूट के रास्ते में कनवाई लगाई गई हैं। यहां पुलिस बल यात्री वाहनों को सुरक्षित माहौल देते हुए पहरा लगाए है।
हर साल 10 लाख से ऊपर पहुंचते है भक्त
बता दें कि, हर वर्ष चित्रकूट में पंचदिवसीय मेले में दीपदान करने के लिए देशभर से 40 लाख से ऊपर श्रद्धालु पहुंचते है। ये भक्त सबसे पहले मंदाकिनी नदी स्थित रामघाट में स्नान करने के बाद दीपदान करते है। इसके बाद भगवान कामतानाथ के दर्शन उपरांत कामदगिरी पर्वत की परिक्रमा करते है।
Published on:
18 Oct 2017 01:19 pm
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