
गार्ड ऑफ ऑनर देकर सैनिक की हुई अंतिम विदाई, रो उठा पूरा गांव, यहां पढ़े खबर
सतना. अलवर. बिरसिंहपुर क्षेत्र के मिसिरगवां गांव में रहने वाले सेना के एक जवान की बीती रात मौत हो गई। वह अलवर के इटाराणा छावनी एरिया में तैनात था। सिपाही अपने कमरे में सो रहा था। रात में अचानक सांस लेने में परेशनी हुई। इस पर उसको सेना के हॉस्पिटल में लाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया। मंगलवार और बुधवार की रात करीब दो बजे जब यह मनहूस खबर जवान के परिवार तक पहुंची तो सनाका खिंच गया। घर से निकला शोर गांव में फैला तो लोग दंग रह गए। सबकी निगाह शहर से गांव को जोडऩे वाले रास्ते पर है, ताकि वह अपने लाल को आखिरी बार देख सकें। उधर, पार्थिव देह लेकर सेना के अफसर सतना को रवाना हो चुके हैं। देररात शव गृहग्राम पहुंचने की उम्मीद है।
पत्रिका को जवान के परिजनों ने बताया कि सुरेन्द्र कुमार मिश्रा पुत्र रमेश कुमार मिश्रा (25) निवासी मिसिरगवां सात वर्ष पहले सेना में भर्ती हुआ था। वह अलवर की राष्ट्रीय राजपूताना 14वीं बटालियन में मैकेनिकल पोस्ट पर तैनात था। करीब एक साल 6 माह से अलवर के इटाराणा में कार्यरत था। तीन भाई-बहनों में सुरेन्द्र अपने घर का सबसे बड़ा बेटा था। उससे छोटा एक भाई और एक बहन है। 28 दिसबंर 2018 को ही 28 दिन की छुट्टी बिताकर सुरेन्द्र अपनी यूनिट वापस लौटा था। इसके पहले वह चाइना बॉर्डर सियाचीन पर २८ माह की ड्यूटी कर चुका था। मंगलवार की रात उसके निधन की खबर आई।
मां का रोकर बुरा हाल
सुरेंद्र की मां बेटे की शादी करने के सपने सजाए थी। लेकिन, उसे क्या पता था कि कुछ दिनों पहले ही घर से गया सुरेंद्र कभी वापस नहीं लौटेगा। सुरेन्द्र की मां, पिता और भाई-बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव वालों ने उन्हें तसल्ली दी है। स्थानीय पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मिसिरगवां पहुंचे। वहां से जवान के बारे में जानकारी लेने के बाद पीडि़त परिवार को सांत्वना दी गई। अब सभी को शव आने का इंतजार है।
नम आंखों से इंतजार
गांव वालों ने बताया कि पुलवामा हमले का दर्द अभी खत्म नहीं हुआ कि एक और दुख: भरी खबर ने क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। यह बात सामने आई है कि सुरेंद्र के सिर में कुछ दिनों से दर्द रहता था। लेकिन वह खुद को पूरी तरह स्वस्थ्य बता रहा था। अचानक आई मौत की खबर से पूरा गांव सन्न है।
Published on:
07 Mar 2019 04:45 pm
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