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अधूरे काम पूरे कर रहे लोग, 4 हजार की रेत से भरी ट्रॉली बिक रही 8 हजार रुपए में

अधूरे काम पूरे कर रहे लोग, 4 हजार की रेत से भरी ट्रॉली बिक रही 8 हजार रुपए में

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अधूरे काम पूरे कर रहे लोग, 4 हजार की रेत से भरी ट्रॉली बिक रही 8 हजार रुपए में

अधूरे काम पूरे कर रहे लोग, 4 हजार की रेत से भरी ट्रॉली बिक रही 8 हजार रुपए में

देवरी कला. कोरोना वैश्विक महामारी के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए लगातार 2 माह से लॉकडाउन रहने से सभी प्रकार के निर्माण कार्य और विकास कार्य रुक गए हैं। पिछले दिनों शासन द्वारा लॉक डाउन में राहत देते हुए सभी प्रकार की दुकान खोलने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद लोग जल्द ही अपने अधूरे कामों को पूरा करना चाह रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास एवं बरसात पूर्व मकानों की मरम्मत का कार्य भी इसमेंं प्राथमिकता पर है। लेकिन निर्माण कार्यों में उपयोग आने वाली रेत का संकट बना हुआ है। शासन द्वारा नर्मदा नदी के बरमान एवं गाडरवारा स्थित रेत खदानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था इस वजह से क्षेत्र में रेत की आपूर्ति पूरी तरह से कई महीनों से बंद है। देवरी में क्रशर संचालकों द्वारा एवं अन्य ठेकेदारों द्वारा रेत का अवैध रूप से भंडारण पहले ही कर लिया था वे अब रेत महंगे दामों में बेच रहे हैं। ढाई हजार से 3000 की ट्रॉली में बिकने वाली रेत की 8000 कीमत पर पहुंच गई है। देवरी नगर एवं ग्रामीण अंचलों में सैकड़ों की संख्या में प्रधानमंत्री आवास कुटीर स्वीकृत हुई एवं पूर्व से अधूरी पड़े प्रधानमंत्री आवास का काम रेत की कमी के कारण अधूरे पड़े हैं। वही जिला पंचायत सीईओ द्वारा लगातार प्रधानमंत्री आवास पूर्ण करने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। अधूरे पड़े प्रधानमंत्री आवास निर्माण के मामले में हितग्राहियों पर एफ आईआरदर्ज कराने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
शासन के निर्देशों के कारण घबराहट पैदा हो गई है और वह महंगे दामों में रेत खरीदने को मजबूर हो गए हैं।
इसके बावजूद भी रेत की उपलब्धता नगर में नहीं है। नरसिंहपुर जिले से कभी कभार चोरी छुपे रेत के डंपर यहां आ रहे हैं जो चार गुनी कीमत पर हाथो हाथ बिक जाते हैं।
नरसिंहपुर जिले की रेत खदान चालू ना होने के कारण जहां एक और सभी प्रकार के निर्माण कार्य और विकास कार्य बंद पड़े हुए हैं और लोगों को बरसात पूर्व निर्माण कार्य कराने की उम्मीदों पर पानी फिरता जा रहा है। क्योंकि 15 जून के बाद नियम अनुसार रेत खदानों पर प्रतिबंध रहता है ऐसे में 20 दिन ही शेष बचे हैं। इस दौरान खदानेें चालू हो जाती हैं तो निर्माण कार्यों को गति मिल सकती है।
लोहा सीमेंट की बिक्री प्रभावित - इस दौरान लोहा और सीमेंट की बिक्री भी प्रभावित हो रही है। दुकानदारों को उम्मीद थी कि बरसात के पहले लोग अपने मकानों के काम को पूर्ण कराने के लिए सीमेंट और लोहा खरीदेंगे लेकिन रेट ना मिलने के कारण लोहा और सीमेंट की बिक्री भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
हजारों की संख्या में निजी मकानों के काम भी अधूरे पड़े हैंं। देवरी नगर और आसपास के अंचलों में लोगों के निजी मकानों के काम रेत के अभाव में अधूरे पड़े हैं कई कर्मचारियों ने बैंक से लोन लेकर मकान का काम लगाया था लेकिन रेत के अभाव में उनका काम नहीं हो पा रहा है।
शासकीय योजनाओं की सड़कों और भवन निर्माण का है जो हो रेत के अभाव में नहीं हो पा रहा। लोगों का कहना है कि सरकार को बरसात पूर्व बरवान नदी की रेत खदानों को चालू कराना चाहिए ताकि मकानों और अन्य विकास कार्य हो सके। प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों का कहना है की सरपंच सचिव लगातार कुटीर बनाने के लिए दबाव बना रहे हैं कहते हैं कि कहीं से भी रेत लेकर आओ नए और निर्माण कार्य पूर्ण करो नहीं तो पुलिस थाने में एफ आई आर दर्ज करा दी जाएगी। वही रेत कहीं भी उपलब्ध नहीं हो रही है।
पुलिस की बल्ले-बल्ले- देवरी नगर में रेत की कालाबाजारी हो रही है जिन लोगों के पास रेत का स्टॉक है 8000 से अधिक कीमत पर एक ट्रॉली रेत बेच रहे हैं। इस दौरान रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली और डंपर सड़क पर मिलने पर पुलिस उन्हें पकड़कर छोडऩे की 10 से 12000 रुपए तक वसूल लेती है। इस तरह से पुलिस की बल्ले.बल्ले हो रही है।