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फिल्टर पानी से आग बुझा रहीं नगर पालिका की दमकल, नहीं तलाशे जा रहे दूसरे विकल्प

शहर के कई क्षेत्रों में लोग पीने के पानी के लिए हो रहे परेशान, अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

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Municipal fire engines are extinguishing fires with filtered water

टंकी के पास दमकल गाड़ी भरने लगाया गया सिस्टम

बीना. शहरवासियों को पानी उपलब्ध कराने के लिए बीना नदी पर फिल्टर प्लांट बनाया गया है, जहां लाखों रुपए खर्च कर पानी फिल्टर होता है शहर में सप्लाई लोगों के घरों में सप्लाई किया जाता है। इसी शुद्ध पानी से नगर पालिका की दमकल गाड़ी आग बुझा रही हैं, क्योंकि अधिकारी कोई दूसरा विकल्प नहीं तलाश पा रहे हैं।
नगर पालिका में तीन दमकल गाड़ी हैं, जिसमें बड़ी दमकल गाड़ी में 4500 लीटर और दो छोटी दमकल में ढाई-ढाई हजार लीटर पानी बनता है। आग लगने पर दिन में तीन-तीन बार गाडिय़ों को भरने की जरूरत पड़ती है, जो कुटी मंदिर के पास स्थित पानी की टंकी से भरी जाती हैं। टंकियों का पानी फिल्टर होकर आता है और घरों में सप्लाई किया जाता है। इन दिनों पीने वाला शुद्ध हजारों लीटर पानी आग बुझाने में बर्बाद किया जा रहा है। जबकि एक दिन में फिल्टर प्लांट पर नदी का पानी शुद्ध करने में फिटकरी, क्लोरिन सहित बिजली और कर्मचारियों पर खर्च होने वाले रुपयों को मिलाकर करीब एक लाख रुपए का खर्च आता है और फिर भी इस पानी को बर्बाद किया जा रहा है। जबकि अभी भी शहर में जिन जगहों पर पानी की पाइप लाइन नहीं डली हैं, वहां पानी की आवश्यकता है।

पहले ट्यूबवेल से भरते थे दमकल
पहले दमकल गाड़ियों को कटरा मंदिर के पास स्थित ट्यूबवेल से भरा जाता था, लेकिन अब जल्दी के चक्कर में सीधे टंकियों से पानी भर रहे हैं। यदि कहीं आग लगी है, तो जल्दी दमकल गाड़ी में पानी भरने की जरूरत होती है, लेकिन जब गाड़ी भरकर खड़ी करनी है, तब भी टंकी से ही पानी भरा जाता है। आग बुझाने के साथ-साथ दमकल गाड़ी से ही मूर्तियों की सफाई, डिवाइडरों की सफाई सहित अन्य कार्य किए जातें हैं।

ट्यूबवेल का प्रेशर रहता है कम
ट्यूबवेल का प्रेशर कम होने के कारण सीधे टंकी से दमकल गाडिय़ों में पानी भरा जाता है। ट्यूबवेल से डेढ़ घंटे में दमकल गाड़ी भर पाती है।
विवेक ठाकुर, उपयंत्री, बीना