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बीना नदी को चाहिए बेतवा का सहारा, तो कभी नहीं आएगी शहर में पानी की कमी

भविष्य में आबादी बढ़ने पर कम पड़ने लगेगा बीना नदी का पानी, वर्ष 2016 में नदी सूखने पर नगर पालिका के पास नहीं था कोई दूसरा स्रोत

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Bina river needs the support of Betwa, then there will never be a shortage of water in the city

बीना नदी पर बना नगर पालिका का पंप हाउस

बीना. बीना नदी से शहर और रेलवे को पानी सप्लाई होता है। शहर की आबादी साल दर साल बढ़ रही है, जिससे भविष्य में बीना नदी का पानी कम पडऩे लगेगा। इसलिए बीना नदी को बेतवा नदी का सहारा जरूरी है, जिससे कभी पानी की कमी न आए।
बीना नदी से हर दिन एक करोड़ लीटर से ज्यादा पानी शहर, रेलवे में सप्लाई होता है। गर्मी में यह खपत बढ़ जाती है, जिससे बीना नदी का पानी कई बार गर्मी के मौसम में खत्म हो जाता है। नदी का पानी खत्म होने पर नगर पालिका के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। यदि बीना नदी को बेतवा से जोड़ा जाए, तो यह समस्या खत्म हो जाएगी। बेतवा नदी बड़ी होने से पर्याप्त पानी रहता है और इसी नदी से रिफाइनरी, जेपी के लिए पानी सप्लाई होता है। वर्तमान में केन्द्र सरकार, राज्य सरकार नदी जोडऩे की योजनाओं पर काम कर रही है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है। जबकि बीना से बेतवा की दूरी करीब आठ किमी है, जिसे आसानी से जोड़ा जा सकता है।

नदी पर डेम भी है छोटा
बीना नदी पर पानी रोकने के लिए छपरेट घाट पर सिंचाई विभाग का डैम बना हुआ है, जो बहुत छोटा है। डैम में भराव कम होने के कारण दिसंबर माह के अंत में ही डेम खाली हो जाता है। इस वर्ष अभी से डेम से कई फीट दूर तक पानी पहुंच गया है।

2016 में सूख गई थी
वर्ष 2016 में बीना नदी सूख जाने पर गड्ढों से पानी इंटकवेल तक लाना पड़ा था। क्योंकि और कोई स्रोत नगर पालिका के पास उपलब्ध नहीं था। यही नहीं रेलवे में ट्रेन से पानी आया था।

नहीं है कोई प्लान
बीना नदी को बेतवा से जोडऩा को लेकर अभी कोई प्लान नहीं है। भविष्य में यदि कोई प्लान बनेगा, तो उसपर कार्य किया जाएगा।
विवेक ठाकुर, उपयंत्री, नपा