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जिला पंचायत सीईओ की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप, जानें क्या है मामला…

-आर्थिक अनियमितता बताई जा रही प्रमुख कारण

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रीवा

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Ajay Chaturvedi

Feb 08, 2021

Swapnil Wankhede

Swapnil Wankhede

रीवा. जिला पंचायत सीईओ स्वप्निल वानखेड़े की सख्त कार्रवाई से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा है। वैसे बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितता के चलते की गई है। कहा तो यह भी जा रहा है कि अभी और कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।

जानकारी के मुताबिक जिला पंचायत सीईओ स्वप्निल वानखेड़े ने मऊगंज जनपद अंतर्गत तीन अलग-अलग ग्राम पंचायतों के सचिवों को न केवल निलंबित कर दिया गया है बल्कि उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी बैठा दी है। इन ग्राम पंचायतों का सचिव का प्रभार रोजगार सहायकों को सौंप दिया है। साथ ही जिले के अन्य सचिवों को निर्देशित किया गया है कि अगर उनके यहां से वित्तीय शिकायत मिली तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

वैसे यह कार्रवाई उस वक्त की गई है जब लगातार जनसुनवाई के माध्यम से सचिव व सरपंच द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की शिकायत बड़े स्तर पर अधिकारियों को प्राप्त हो रही है। शिकायत पर जांच के उपरांत की गई कार्रवाई के बाद जिले के अन्य सचिव व जनपद पंचायत सीईओ कार्यालय के कर्मचारी भी सकते में आ गए हैं। इस बीच जिला पंचायत सीईओ ने साफ तौर पर कहा है कि अगर किसी भी प्रकार से शिकायत प्राप्त हुई आर्थिक अनियमितता की गई तो संबंधित सचिव कार्यालय कार्रवाई के साथ ही जेल भी जाने को तैयार हो जाए।

जिला पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार जिन 3 ग्राम पंचायतों के सचिव पर निलंबन की कार्रवाई की गई है उनमें मऊगंज जनपद के करहिया ग्राम पंचायत के सचिव सच्चिदानंद शुक्ला देवतालाब ग्राम पंचायत के सचिव संजीव कुमार मिश्रा एवं पड़रिया सिंगर ग्राम पंचायत के सचिव राजेश दुबे शामिल हैं। इन्हें निलंबित कर इन के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। इन ग्राम पंचायतों का वित्तीय प्रभार रोजगार सहायक को सौंप दिया गया है।

जिला पंचायत कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले के 827 ग्राम पंचायतों में से 324 ग्राम पंचायत में आर्थिक अनियमितता की शिकायत जिला पंचायत को प्राप्त हुई है जिसकी जांच जनपद सीईओ स्तर पर कराई जा रही है तीन सचिवों के मामले को हटा दिया जाए तो अब इनकी संख्या 321 बचती है। करवाई करने के बाद नई दुनिया से बातचीत करते हुए जिला पंचायत सीईओ स्वप्निल वानखेड़े द्वारा बताया गया है कि लगाया गया आरोप अगर सिद्ध पाए गए तो सभी के विरुद्ध न केवल कार्रवाई की जाएगी बल्कि सरकारी धन राशि की वसूली के लिए जेल भी भेजा जा सकता है।

बताया गया है कि इन दिनों सरपंच सचिव पर विभिन्ना मदों से कराए जा रहे निर्माण कार्य में आर्थिक अनियमितता की शिकायत लगातार जनसुनवाई के माध्यम से अधिकारियों के पास पहुंच रही थी जिसके बाद जिला पंचायत सीईओ ने जनपद स्तर पर भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं जैसे-जैसे जिला पंचायत को जनपद स्तर से प्रतिवेदन प्राप्त हो रहे हैं जिला पंचायत द्वारा कार्रवाई की जा रही है।