
these Astro planets are responsible for your foreign trips
विदेश जानें को लेकर अधिकांश युवाओं में हमेशा से ही चार्म की स्थिति देखी जाती रही है। ऐसे में जहां लोग रोजगार के लिए विदेश जाते हैं, वहीं कई सैर सपाटे यानि घूमने के लिए भी विदेश जाते हैं। लेकिन कई बार तमाम कोशिशों के बावजूद कई युवा विदेश नहीं जा पाते।
इस संंबंध में ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि दरअसल आपके ग्रह ही आपको विदेश यात्रा का योग प्रदान करते है। ऐसे में ये सवाल उठता है कि आखिर वे कौन से ग्रह हैं जो हमारी विदेश यात्रा के लिए जिम्मेदार होते हैं?
दरअसल ज्योतिष में विदेश यात्रा का अर्थ समुद्र पार की यात्रा माना जाता है। ऐसे में कोई भी लंबी यात्रा जिसमें कम से कम तीन पहर लगें, विदेश यात्रा ही समझी जाती है। ज्योतिष के अनुसार आपकी कुंडली में पंचम, नवम और द्वादश भाव मूल रूप से विदेश यात्रा से ही संबंधित होते हैं।
वहीं आपको विदेश भेजने में क्रूर और पाप ग्रहों की बड़ी भूमिका होती है। इसमें सबसे ज्यादा राहु ही है तो व्यक्ति को विदेश जाने में सहायता करता है। इसके बाद शनि और मंगल भी सहायता करते हैं, जबकि शनि की साढ़ेसाती और ढैया भी विदेश यात्रा में सहायता करती है।
ऐसे लोगों को विदेश यात्रा में आती हैं बाधाएं!
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार जब कुंडली में चन्द्रमा या शुक्र मजबूत होने लगे तो विदेश यात्रा में बाधाएं आती हैं। जबकि कुंडली में शुभ ग्रहों की दशा, पासपोर्ट या वीजा में 01, 05 या 09 अंक की प्रधानता भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। इसके अलावा अगर व्यक्ति की जन्म तिथि 04, 13, 22 या 31 हो तो व्यक्ति खूब विदेश जाता है या कभी नहीं जा पाता है इसके अतिरिक्त जब व्यक्ति की कुंडली जल तत्व प्रधान हो तब भी विदेश जाने में बाधा आती है।
विदेश जाने के लिए ये करें उपाय...
- शनि के तांत्रिक मंत्र का रोज सायंकाल जाप करें।
- मंत्र होगा- "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"।
- नवम भाव के स्वामी ग्रह को मजबूत करें।
- हलके नीले रंग के वस्त्रों का खूब प्रयोग करें।
- नदी पार करके कोई यात्रा जरूर कर लें।
विदेश जाकर कब बस बसता है व्यक्ति ?
आमतौर पर शनि या राहु के मजबूत होने पर व्यक्ति घर से दूर जाकर स्थायी रूप से बस जाता है। वहीं सूर्य या चन्द्रमा के कमजोर होने पर भी व्यक्ति विदेश में स्थाई रूप से बस जाता है। इनमें भी वृषभ, कन्या, मकर, मिथुन, तुला और कुम्भ राशि वालों के विदेश में बस जाने की सम्भावना ज्यादा होती है।
टोटका जो दूर करें विदेश जानें की रुकावट...
वहीं कुछ जानकारों का ये भी मानना है कि कई बार आप विदेश जाना चाहते है मगर आपकी विदेश यात्रा में बहुत सारी रुकावट आ जाती है जिसके कारण आप विदेश नहीं जा पाते
ऐसे में एक टोटका आपकी काफी मदद कर सकता है...
: इसके तहत सबसे पहले आप एक मिट्टी का बर्तन ले उस में काले तिल और गुड़ रखकर उसे पीपल के पत्ते से ढक दें। उसके बाद आप मंत्र का 102 बार जाप करें।
मंत्र : क्लीं नमो भगवती मघाले श्री सवसुखरंजिनी
स्वर्ध्म मातघ अमुक कुमारी भे लघु लघु वश्यं कुरु कुरु स्वः।।
- मंत्र का जाप करने के बाद आप इस बर्तन को आक के पौदे की जड़ में रख दे और विदेश जाने की प्रार्थना करें। उसके बाद आप चुपचाप वापस अपने घर आ जाएं और पीछे मुड़कर बिलकुल भी न देखें। इस कार्य को आपको रविवार की रात्रि को 12:00 से 1:00 बजे के बीच करना होगा।
Published on:
14 Feb 2021 01:44 pm
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