
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
Shri Krishna Janmashtami Special 2023 भागवत गीता हिंदू धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथों में से एक है, जिसका ज्ञान महाभारत युद्ध के दौरान भगवान श्रीकृष्ण ने दुनिया को दिया था। मान्यता है कि इस ज्ञान को महर्षि वेदव्यास ने संकलित किया और भगवान गणेश ने लिपिबद्ध किया। इस गीता के कई श्लोक भारत के विभिन्न संस्थानों के स्लोगन (ध्येय वाक्य) बने। भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण दिवस श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आइये जानते हैं वे गीता वे दस श्लोक जो विभिन्न संस्थानों के स्लोगन बने।
| गीता के वे श्लोक जो इन संस्थानों के स्लोगन बने | ||
| श्लोक | संस्थान | अर्थ |
| 1. यतो धर्मः ततो जयः | सुप्रीम कोर्ट | जहां धर्म है वहीं विजय है |
| 2. परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् | यूपी पुलिस | अच्छे लोगों की रक्षा के लिए दुष्टों के विनाश के लिए |
| 3. योगक्षेमं वहाम्यहम् | एलआईसी | अप्राप्त को प्राप्त करना (योग) और प्राप्त का रक्षण करना (क्षेम) यानी आपका योग क्षेम में वहन करूंगा |
| 4. नभस्पर्शं दीप्तम् | वायुसेना | गर्व से आकाश को छुओ |
| गीता के वे श्लोक जो इन संस्थानों के स्लोगन बने | ||
| श्लोक | संस्थान | अर्थ |
| 5. स्वधर्मे निधनं श्रेयः | भारतीय सेना मद्रास रेजिमेंट | सेवा करते समय मरना गर्व की बात है |
| 6. वीर भोग्य वसुंधरा | राजपूताना राइफल्स | वीर ही धरती पर शासन करते हैं उसका सुख भोगते हैं |
| 7. कर्म ज्यायो ह्यकर्मणः | प्रौद्योगिकी महाविद्यालय त्रिवेंद्रम् | कर्म करना कर्म न करने की तुलना में श्रेष्ठ है। |
| 8. योगः कर्मसु कौशलम् | भारतीय प्रबंध संस्थान कोझीकोड | योग ही कर्मोंमें कुशलता है। |
Updated on:
06 Sept 2023 08:11 pm
Published on:
06 Sept 2023 08:10 pm
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