
मासिक दुर्गा अष्टमी
हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भैरव अष्टमी तो शक्ल पक्ष की अष्टमी की तिथि को मासिक दुर्गा अष्टमी के नाम से जाना जाता है, जबकि नवरात्रि में पड़ने वाली अष्टमी को महा अष्टमी कहते हैं और इस दिन महागौरी की पूजा होती है।
मान्यता है कि इस दिन ही आदिशक्ति ने अवतार लिया था, इसी दिन माता दुर्गा ने दुर्गम नाम के असुर का भी वध किया था। मान्यता है कि मासिक अष्टमी की पूजा से माता दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्त के हर संकट को दूर करती हैं तो आइये बताते हैं दुर्गा अष्टमी के उपाय (Masik Durga Ashtami Upay), जिन आसान उपाय से आप मां की कृपा पा सकते हैं।
ज्योतिष के अनुसार अष्टमी और नवमी तिथि पर शनि का प्रभाव रहता है। यदि शनि के दुष्प्रभाव आप पर पड़ रहे हैं तो मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन माता की आराधना करनी चाहिए। इससे माता दुर्गा भक्त की शनि की पीड़ा से रक्षा करती हैं।
संधि काल में कद्दू, ककड़ी, केला फल सब्जी आदि की बलि चढ़ाने से माता गौरी और सिद्धिदात्री भक्त पर प्रसन्न होती हैं। मान्यता है संधि काल में 108 दीपक जलाने से माता जीवन का अंधकार मिटा देती हैं।
अष्टमी के दिन पीपल के 11 पत्ते लें, इस पर राम नाम लिखें और माला बनाकर हनुमानजी को पहना दें। इससे हर संकट दूर होता है।
धन के लिएः धन समृद्धि के लिए अष्टमी के दिन पान में गुलाब की सात पंखुड़ियां रखकर माता दुर्गा को अर्पित करना चाहिए।
मनोकामना पूर्तिः मनोकामना पूर्ति के लिए लाल रंग के कंबल पर बैठकर माता दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। कहते हैं ऐसा करने से माता दुर्गा भक्ति की हर मनोकामना पूरी करती हैं।
Updated on:
15 Jun 2024 03:18 pm
Published on:
27 Feb 2023 12:03 pm
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