14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मानव तस्करी विरोधी यूनिट व चाइल्ड लाइन की संयुक्त कार्रवाई, 4 बाल श्रमिक छुड़ाए और 2 नियोक्ता गिरफ्तार

मानव तस्करी विरोधी यूनिट एवं चाइल्ड लाइन टीम ने शुक्रवार को अभियान चलाकर 4 बाल श्रमिकों को रेस्क्यू करवाया। साथ ही मामले में 2 नियोक्ताओं को बालश्रम कराने के आरोप में गिरफ्तार किया।

2 min read
Google source verification
balchram

balchram

मानव तस्करी विरोधी यूनिट एवं चाइल्ड लाइन टीम ने शुक्रवार को अभियान चलाकर 4 बाल श्रमिकों को रेस्क्यू करवाया। साथ ही मामले में 2 नियोक्ताओं को बालश्रम कराने के आरोप में गिरफ्तार किया।

READ MORE : उदयपुर: जानें किस मंत्री ने दी नसीहत- कुछ रुपयों के लिए बिको मत, छवि सुधारो, जनता का रखो ध्यान

पुलिस निरीक्षक हनुवंतसिंह भाटी, प्रेमसिंह, कांस्टेबल दीपिका, रवींद्र, कृष्ण कुमार के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्यों सोहनलाल, नूर बानो, सूर्या वैष्णव एवं भूपेंद्रसिंह ने भूपालपुरा एवं प्रतापनगर थाना क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई की। यूनिवर्सिटी रोड स्थित इंदौरी नमकीन एवं मठरी स्टोर पर कार्य कर रहे 2 बाल श्रमिकों को मुक्त करवाया।

READ MORE : अधिवक्ता संशोधन अधिनियम को लागू करने के विरोध में अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार, की नारेबाजी

मामले में पुलिस ने गोकुलपुरा कॉलोनी निवासी स्टोर मालिक बनवारी लाल यादव के विरुद्ध भूपालपुरा थाने में बाल श्रम अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करवाई। इसी तरह यूनिवर्सिटी रोड स्थित लक्ष्मी भोजनालय में 2 बाल श्रमिक मुक्त कराते हुए नियोक्ता हनुमान चौक, पायड़ा निवासी वरदीशंकर को गिरफ्तार किया। आरोपित के खिलाफ प्रतापनगर थाने में मामला दर्ज करवाया गया।

समिति के समक्ष किया पेश

संयुक्त कार्रवाई के बाद पुलिस दल ने मुक्त कराए गए सभी 4 बाल श्रमिक को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। समिति सदस्यों की ओर से बच्चों को आसरा विकास संस्थान तितरड़ी स्थित ओपन शेल्टर होम में प्रवेश दिलवाया गया।

17 घंटे का बाल श्रम

संयुक्त कार्रवाई में सामने आया कि आरोपित नियोक्ताओं की ओर से बाल श्रम के नाम पर नाबालिग बच्चों से करीब 17 घंटे मेहनत करवाई जाती थी। नमकीन एवं मठरी के साथ भट्टी पर रोटी बनवाने के नाम पर बच्चों से सुबह 6 से रात 11 बजे तक काम करवाया जाता था। इससे बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक शोषण हो रहा था। मानव तस्करी यूनिट की रिपोर्ट पर दोनों नियोक्ताओं पर प्रलोभन देकर बालश्रम कराने, किशोर न्याय, बालकों की देखरेख संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 75 एवं 79 के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।

ये भी पढ़ें

image