
paramedical staff
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
रामपुर ( rampur news in hindi ) अस्पताल में तैनात पैरामेडिकल स्टाफ ने काम करने से इंकार कर दिया है। इसके पीछे सैलरी वजह बनी है। दरअसल चार दर्जन वार्डवाय को पिछले मार्च से सैलरी नहीं मिल रही है और ना ही उन्हें आगे काम पर रखने के लिए आश्वासन दिया जा रहा है।
ऐसे में पैरामेडिकल स्टाफ ( paramedical staff ) के लोग अपनी शिकायत लेकर जिला अस्पताल के सीएमएस आरके मित्तल से मिले लेकिन जब कोई सटीक आश्वाशन नहीं मिला तो पैरामेडिकल स्टाफ सीएमओ के यहां पहुँचा। आरोप है कि यह उन्हें बिना किसी आश्वासन के ही बाहर जाने को लिए कह दिया गया।इससे नाराज पैरामेडिकल स्टाफ ने अब जिला अधिकारी को पत्र लिखकर सेवाएं बहाल कराने की मांग की है। रामपुर जिला अस्पताल में तकरीबन 4 दर्जन से ज्यादा लोगों का पैरामेडिकल स्टाफ है। यह पिछले कई सालों से लगातार काम कर रहा है। इन दिनों कोरोनावायरस के दौर में पैरामेडिकल स्टाफ दिन-रात लगा हुआ है लेकिन अब इन्होंने अपनी सेवाएं देने से साफ इनकार कर दिया है। इनका साफ कहना है कि, अब हम किसी भी हालत में काम नहीं करेंगे। अगर हमें आगे नौकरी पर रखने का आश्वासन मिलता है तो ही हम काम पर लौटेंगे। आशंका जताई जा रही है कि अगर इस वक्त पैरामेडिकल स्टाफ ने काम करना बंद कर दिया तो इसका असर जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं पर पड़ सकता है।
क्या करता है पैरामेडिकल स्टाफ
पैरा मेडिकल स्टाफ अस्पताल में डॉक्टर के सहायक अंग की तरह काम करता है। हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को कौन-कौन सी दवाई देनी है, कब उनको क्या इंजेक्शन लगना है यह सभी कार्य डॉक्टर के निर्देश पर पैरामेडिकल स्टाफ करता है। जिला अस्पताल कर एडिशनल सीएमओ मनोज शुक्ला का कहना है कि यह लोग सब एक कंपनी के जरिये रखे जाते हैं। इनके कांटेक्ट को कंपनी ही आगे बढ़ा सकती है। अस्पताल प्रशासन से कोई आश्वासन नहीं मिल सकता।
Updated on:
06 May 2021 07:29 pm
Published on:
06 May 2021 07:25 pm
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