
Railway Project: डोंगरगढ़ से कटघोरा तक नई रेल परियोजना स्वीकृत होने व रेल मंत्रालय की ओर से इसकी मंजूरी दिए जाने की बात लंबे समय से चल रही है। जनप्रतिनिधि भी इस परियोजना को लेकर वाहवाही बटोरते आ रहे हैं लेकिन धरातल पर कुछ नया होते नहीं दिख रहा। जबकि इस परियोजना के पूरा होने से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के साथ ही कवर्धा जिले के रहवासियों को भी रेल सुविधा नसीब होगी।
अब तक केवल केन्द्र स्तर पर चर्चा होने व आश्वासन की बात हो रही है। केन्द्र सरकार की ओर से इस परियोजना को हरी झंडी दिए जाने के बाद डोंगरगढ़ से कटघोरा तक रेल लाइन के लिए सर्वे का कार्य भी हो चुका है।
शुरुआती दौर में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हुई थी। इसके साथ ही प्रभावित किसानों ने आंदोलन भी शुरू कर दिया था। दरअसल सर्वे के बाद प्रभावित किसान मुआवजा के साथ ही परिवार के एक सदस्य को रेलवे में स्थायी नौकरी देने की मांग करते आ रहे हैं।
प्रभावित होने वालों में डोंगरगढ़, खैरागढ़, गंडई, छुईखदान के किसान शामिल हैं। किसान आरोप लगाते आ रहे हैं कि बिना कोई सूचना के जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
नहीं तो कोर्ट तक जाएंगे
किसानों की मांग थी कि सर्वे का कार्य दोबारा किया जाए। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए ताकि किसानों को नुकसान हो। किसानों ने तो यह भी कहा है कि अगर रेलवे की ओर से न्याय संगत प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। किसान चाहते हैं कि जमीन जा रही है तो परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए ताकि आर्थिक स्थिति ठीक रहे।
डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाइन को लेकर केन्द्रीय रेल मंत्री से गंभीरता के साथ चर्चा हुई है। जल्द ही पॉजिटिव मैसेज मिलेेंगे। इस परियोजना को पूरा करने पूरी ताकत झोंक रहे हैं। प्रभावितों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। - संतोष पांडेय, सांसद राजनांदगांव
इसलिए रेल लाइन जरूरी
केसीजी जिले में खनिज संपदा है। साल्हेवारा, गातापार इलाके में आयरन ओर है। यहां उच्च क्वालिटी का बांस पाया जाता है। सीमेंट तैयार करने लायक यहां चूना पत्थर हैै। सीमेंट के प्लांट भी यहां लगने वाले हैं। खैैरागढ़ में विश्वविद्यालय है। विश्वभर के लोगों की यहां आवाजाही होती है।
Updated on:
23 Apr 2025 01:55 pm
Published on:
23 Apr 2025 01:53 pm
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