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पत्ते के ऊपर बनने वाली इस रोटी का स्वाद चखा क्या?

अंगाकर रोटी को खाने के साथ ही देखने में इंट्रेस्ट ले रहे

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पत्ते के ऊपर बनने वाली इस रोटी का स्वाद चखा क्या?

इनडोर स्टेडियम के पीछे हमर कलेवा तिहार में अंगाकर रोटी बनाती समूह की महिलाएं।

ताबीर हुसैन @ रायपुर।ठेठरी-खुर्मी, चीला और फरा तो आपने खूब खाए होंगे। क्या कभी पत्ते के ऊपर बनने वाली रोटी का स्वाद चखा? अगर नहीं तो आ जाइए इनडोर स्टेडियम। लजीज जायके का स्वाद तो मिलेगा ही, इसे कैसे बनाया जाता है यह भी प्रैक्टिकल देख सकते हैं। बूढ़ा तालाब के पास इंडोर स्टेडियम के पीछे हमर कलेवा तिहार का आयोजन किया गया है। 5 दिन चलने वाले इस पर्व को लेकर छत्तीसगढिय़ा पकवान बनाने वाले काफी उत्साहित हैं। शिव शक्ति बचत समूह की नीतू साहू ग्रुप की महिलाओं के साथ यहां अंगाकर रोटी बना रही हैं। नीतू ने बताया कि इसे खाने के लिए लोग जितने उत्साहित हैं उससे ज्यादा तो देखने में। चूंकि इसे बनाने का तरीका भी रोचक है। ये पूरी तरह पारंपरित तौर पर बनाई जाती है। चूल्हे में तवा रखकर पत्ते के ऊपर इस रोटी को बनाया जाता है।

ऐसे बना सकते हैं अंगाकर रोटी

रोटी बनाने वाली महिलाओं ने बताया, रात के भात को नमक डालकर मसल लें। इसमें आटा मिला लें। धनिया, शुद्ध घी, प्याज, मिर्च और टमाटर को मिलाकर रोटी के उपर रखें। हल्की आंच में इसे सेंकते रहें। जब लगे कि खाने योग्य हो गई तो सर्व करें।

लोगों से बात करना सीख गए

नीतू ने बताया कि पहले हम घर में रहते थे। दुनियादारी की कोई जानकारी नहीं थी। हमें मोहल्ले के सतनाम सिंह पनाग ने समूह बनाने के लिए प्रेरित किया। जबसे ग्रुप बना है हमें कई तरह की ट्रेनिंग मिली। हम आपस में पैसे एकत्र करते हैं। जरूरत के वक्त इसी में से एक-दूसरे की मदद करते हैं। नीतू व ग्रुप की अन्य महिलाओं ने बताया कि समूह से जुडऩे के बाद हम आत्मनिर्भर हो गए। सबसे बड़ी बात हमें लोगों से बात करने का सही तरीका आ गया।