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Pola Festival 2021: इस साल 6 सितंबर को मनाया जाएगा छत्तीसगढ़ का प्रमुख त्योहार पोला पर्व, जानिए इसका महत्व

Pola Festival 2021: छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा का पोला पर्व 6 सितंबर को है। छत्तीसगढ़ का प्रमुख त्योहार पोला पर्व प्रदेशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। किसान के साथ हर वर्ग के लोग इस दिन घर में मिट्टी से बने बर्तन व बैलों को सजाकर छत्तीसगढ़ी व्यजनों का भोग लगाकर पूजा करते हैं।

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रायपुर. Pola Festival 2021: छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा का पोला पर्व 6 सितंबर को है। छत्तीसगढ़ का प्रमुख त्योहार पोला पर्व प्रदेशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। किसान के साथ हर वर्ग के लोग इस दिन घर में मिट्टी से बने बर्तन व बैलों को सजाकर छत्तीसगढ़ी व्यजनों का भोग लगाकर पूजा करते हैं। पूजा के बाद किसान शहर के रावणभाटा मैदान में बैलों को आकर्षक तरीके से सजाकर बैल दौड़ प्रतियोगिता हिस्सा लेने आते है, पर इस साल बैल दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन नहीं होगा।

उत्सव समिति के संयोजक माधव यादव ने बताया कि पूजा-अर्चना कर किसानों का सम्मान करेगी। पोला पर्व कृषि प्रधानता का पहचान है। जब फसल खेतों में लहलहाने का समय होता है, तो किसान परिवार यह उत्सव धूमधाम से मनाते हैं। पंडित चंद्रभूषण शुक्ला के अनुसार भाद्रपद मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाने वाला यह पोला त्योहार, खरीफ फसल के द्वितीय चरण का कार्य निंदाई कोड़ाई पूरा हो जाने तथा फसलों के बढ़ने की खुशी में किसानों द्वारा बैलों की पूजा कर कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

घर-घर फरा और चीला बनता है
गृहणियां इस पर्व पर सुबह से गुडहा चीला, अनरसा, सोहारी, चौसेला, ठेठरी, खूरमी, बरा, मुरकू, भजिया, मूठिया, गुजिया, तसमई आदि छत्तीसगढी पकवान बनाने मे लग जाती हैं। पूजा कर गाय-बैल को खिलाकर तब किसान परिवार खाता है।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव एवं विकास समिति के अध्यक्ष माधव लाल यादव व सचिव धन्नू लाल देवांगन ने कहा, पोला पर्व के दिन रावणभाटा मैदान में बैल दौड़ बैल सजाओ प्रतियोगिता कराते आ रही है, चूंकि कोरोना संक्रमण का प्रकोप जारी है, जिसके चलते कलेक्टर ने बैल दौड़ प्रतियोगिता करने की अनुमति नहीं दी है।

समिति ने यह निर्णय लिया है कि शासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा बैल दौड़, सजाओ प्रतियोगिता नहीं कराई जाएगी बैलों की पूजा अर्चना में शामिल बैल मालिकों को शासन के गाइडलाइन का पालन करने कहा गया है। इस अवसर पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल, महापौर एजाज ढेबर एवं दूधाधारी मठ के महंत डॉ राम सुंदर दास पार्षद सतनाम सिंह पनाग अतिथि रहेंगे।

वहीं हरेली की तरह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) के रायपुर स्थित निवास में तीजा-पोरा का तिहार 6 सितम्बर को सुबह 11 बजे से उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास परिसर में छत्तीसगढ़ की परम्परा और रीति-रिवाज के अनुसार साज-सज्जा की गई हैं। इस मौके पर नांदिया-बैला की पूजा की जाएगी। तीजा महोत्सव का आयोजन होगा।

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