राजनांदगांव. कलेक्टोरेट के सामने मंगलवार को किसानों की ओर से संकल्प यात्रा निकालने की तैयारी थी। हजारों की भीड़ जुटने की आशंका से दूसरे जिले से भी पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों की राजनांदगांव में ड्यूटी लगाई गई थी। दोपहर में जवानों के लिए लंच बॉक्स भेजा गया था। इस दौरान कवर्धा से पहुंची चार महिला आरक्षकों ने लंच बॉक्स में दिए गए चावल को प्लास्टिक का बताकर वाट्सएप पर वीडियो वायरल कर दिया। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वायरल हुए वीडियो में महिला आरक्षक चावल का बॉल बनाकर उछालती हुई नजर आ रही हैं।

राजनांदगांव एसपी प्रशांत अग्रवाल ने वायरल वीडियो को देखने के बाद खाद्य विभाग और फूड एंड सेफ्टी विभाग के अफसरों को जांच के लिए चावल का सैंपल भिजवाया है। हालांकि खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चावल प्लास्टिक का नहीं है।
कुछ चावल में स्टार्च अधिक होने के कारण प्लास्टिक की तरह लगते हैं पर यह सब जांच के बाद ही पता चल पाएगा। वायरल किए गए वीडियो में लंच बॉक्स खोलकर बैठी महिला आरक्षक बता रही हैं कि उनकी ड्यूटी राजनांदगांव में किसान सम्मेलन में लॉ एंड आर्डर के लिए लगी है। अफसरों की ओर से भिजवाए गए लंच बॉक्स में प्लास्टिक चावल परोसा गया है। महिला आरक्षकों ने भी चावल की जांच कराने की मांग की है।

मरीजों को बासा भोजन देने पर हंगामा
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के केजुअलटी वार्ड में भर्ती चार-पांच मरीजों को मंगलवार रात को बासा भोजन परोस दिया गया। परिजनों ने यह देखकर खूब हंगामा किया। अधीक्षक डॉ. प्रदीप बेक का इसकी शिकायत पहुंची। उन्होने भोजन वितरण करने वाली संस्था को व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए। वहीं तत्काल होटल या फिर अन्य जगहों से भोजन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। ज्ञात हो कि यहां भर्ती आतंरिक मरीजों को स्वयं सहायता समूह की ओर से भोजन वितरण किया जाता है। क्वालिटी को लेकर कई बार सवाल उठे हंै पर कार्रवाई नहीं की गई है। नोटिस देकर खानापूर्ति कर दी जाती है।
कवर्धा से पहुंची महिला आरक्षकों ने यह वीडियो बनाया है। चावल की जांच कराई जा रही है। सैंपल फूड एंड सेफ्टी विभाग को भेज दिए हैं।
एमएस चंद्रा, डीएसपी राजनांदगांव