15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शेर बहादुर की बहादुरी को वीरता पुरस्कार

नक्सलियों का किया एनकाउंटर

less than 1 minute read
Google source verification
sher_bahadur_2.jpg

साथी जवानों के साथ शेर बहादुर।

रायपुरा निवासी शेर बहादुर सिंह ठाकुर को आज राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से नवाजा जाएगा। पुलिस परेड ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम में राज्यपाल के हाथों उन्हें यह सम्मान दिया जाएगा। पत्रिका से खास बातचीत में ठाकुर ने बताया, मैं 2019 से 21 तक नक्सली क्षेत्र कुटरू (बीजापुर) में एसडीओपी रहा। वहां कई बार नक्सलियों से सामाना हुआ। कई बार तो ऐसा भी हुआ कि नक्सलियों ने मुझे मारने की प्लानिंग भी की, लेकिन वे फेल हो गए। एक बार की घटना है जब मैं अपनी टीम के साथ सर्चिंग पर निकला था। नक्सली मुझे मारने आए थे, मैं कुछ देर के लिए दूसरी दिशा में चला गया, इधर नक्सलियों ने मेरे साथी हवलदार पर हमला बोल दिया और वह शहीद हो गया। इस बात का मुझे बहुत दुख हुआ। मैंने कसम खाई कि जब तक उस हत्यारे को जान से न मार दूं, चैन से नहीं बैठूंगा। अपने सोर्स के जरिए मैंने उस नक्सली का पता लगाया और एनकाउंटर कर मौत के घाट उतार दिया। मैंने कुछ ईनामी नक्सलियों का भी एनकाउंटर किया था।

जब से होश संभाला, देश सेवा का था सपना

मैं मूलत: बालोद झलमला का रहने वाला हूं। मेरी पढ़ाई रायपुर के एक निजी स्कूल में हुई। इसके बाद प्राइवेट बीए किया और सिविल सर्विसेस की तैयारी शुरू कर दी। सीजीपीएससी के दूसरे प्रयास में मुझे सफलता मिली और मैं डीएसपी बना। स्कूल के दौरान ही मैंने पुलिसिंग में जाने का फैसला कर लिया था। जबसे मैंने होश संभाला, तबसे देश सेवा का सपना था।