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हाथ देखने पहुंचा फिर डाल दी डकैती, मास्टर माइंड ज्योतिषी सहित 4 गिरफ्तार

इस मामले में 4 डकैतों को गिरफ्तार किया है। जबकि तीन अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस वार्ता कर एसपी संजीव शुक्ला ने इसकी जानकारी दी।

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Kanchan Jwala

Oct 20, 2015

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रायगढ़.
क्राइम ब्रांच व बरमकेला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने बरमकेला के गोबरसिंघा डकैती कांड का पर्दाफाश कर दिया है। हाथ देखने के बहाने मास्टर माइंड ज्योतिषी ने रेशम निरीक्षक के घर का जायजा लिया। फिर अपने भाई व दोस्तों की मदद से डकैती की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने डकैती में इस्तेमाल हुई बोलेरो, एयर गन, व नकदी जब्त किया है। वहीं इस मामले में 4 डकैतों को गिरफ्तार किया है। जबकि तीन अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस वार्ता कर एसपी संजीव शुक्ला ने इसकी जानकारी दी।


चार अक्टूबर को बरमकेला के गोबरसिंघा में रेशम निरीक्षक गोकुल पटेल के घर करीब 4 लाख रुपए की डकैती हुई थी। जिसे 7 डकैतों ने बंदूक के बल पर अंजाम दिया था। एसपी संजीव शुक्ला के आदेश पर क्राइम ब्रांच व बरमकेला पुलिस की संयुक्त टीम डकैती कांड की पतासाजी में लगी हुई थी। घटना के दो सप्ताह बाद पुलिस ने 4 डकैतों को गिरफ्तार कर इस रहस्यमय डकैती का खुलासा कर दिया है। जिसमें डकैती कांड का मास्टर माइंड कैलाश बरिहा पिता राम बहिरा 35 वर्ष पकड़ा गया है। जो ज्योतिषी बन कर घर-घर लोगों के हाथ देखने का काम करता है।


हाथ देखने के क्रम में उसकी मुलाकात पीडि़त परिवार की बहू चंद्रकला पटेल से हुई। चंद्रकला का हाथ देखने के बहाने कैलाश उसके घर में रखे सामान व पति की नौकरी को देख डकैती की योजना बनाई। वहीं अपने भाई रमेश कुुमार बरिहा 22 वर्ष, दोस्त व कलैंडा सराईपाली निवासी रंजन कुमार पांडे उर्फ माली 32 वर्ष, सत्य कुमार पटेल 28 वर्ष व अन्य के साथ इस घटना को अंजाम दिया। इस घटना में शामिल सत्य, बोलेरो मालिक है। जो डकैती में अपनी गाड़ी को किराया पर देने के साथ खुद भी शामिल था।


तीन डकैत अभी भी पुलिस की गिरफ्त है। पुलिस ने डकैतों केे पास से डकैती में इस्तेमाल हुई बोलेरो, प्वाइंट 22 का एयर गन, 5 मोबाइल, व अन्य सामान को जब्त किया था। मास्टर माइंड की माने तो 3 फरार डकैतों में एक के पास डकैती की सारा सामान है। जो मामला ठंडा होने के बाद आपस में बांटने को लेकर तय हुआ था। इससे पहले पुलिस ने डकैतों को पकड़ लिया। पकड़े गए डकैत आद्तन अपराधी है। जिन्होंने रैकी कर इस घटना को अंजाम दिया था।


कैंप के बाद सफलता

घटना के बाद पुलिस ने घटना स्थल के करीब एक समान्य ग्रामीण बन कर कैंप किया। करीब एक सप्ताह तक गांव में डेरा डालने के बाद पुलिस को एक युवक मिला। जिसने घटना की रात एक संदिग्ध व्यक्ति व बोलेरो गाड़ी को आने-जाने की जानकारी दी। जिसके आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तब जाकर सफलता मिली।


माओवादी तरीका अपनाया

डकैतों ने इस वारदात को माओवादी घटना बनाने की भी पुरजोर कोशिश की थी। एयर गन के मुंह को नीचे की तरफ रखा था। वहीं आर्मी के कपड़े भी पहने हुए थे। इससे पीडि़त परिवार से पूछताछ में पुलिस को यह लगे कि बरमकेला क्षेत्र माओवाद प्रभावित है। वहीं इस घटना को माओवादियों ने ही अंजाम दिया है। जिसके बाद पुलिस भी डकैती कांड में ज्यादा ध्यान नहीं देती। पर उनकी यह चालाकी को पुलिस ने पकड़ लिया।

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