
निजी को भी मात दे रहा झांकर का सरकारी विद्यालय
सरपंच सहित अन्य लोगों ने भी किया सहयोग
सुधीर व्यास
अरनोद. कौन कहता है कि सरकारी स्कूल की सुंदरता निजी स्कूल से कम होती है। यदि कार्य करने का ²ढ़ निश्चय हो और तंत्र को आमूलचूल परिवर्तन करने का मानस अपने जेहन में हो तो सरकारी स्कूल भी बहुत सुंदर दिखाई दे सकता है। इसकी मिसाल बना है अरनोद ब्लॉक का राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय झांकर। स्थानीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद पर कार्यरत दीपिका चौधरी एवं अध्यापिका श्रुति भट्ट ने विद्यालय भवन की सुंदरता को बढ़ाने के लिए स्वयं अपने बूते पर प्रयास शुरू किए। उन्होंने अपने हाथ में कलर एवं ब्रश लेकर विद्यालय की चार दीवारी पर एवं बाउंड्री पर पेंङ्क्षटग बनाकर आकर्षक कर दिया। स्टाफ रूम को भी काफी सुंदर बना दिया है।
परिसर में लगाए पौधे, की तार फेंङ्क्षसग
यहां विद्यालय परिसर में कई प्रजातियों के पौधे भी लगाए गए है। जिसमें अध्यापक देवीलाल मीणा एवं ईश्वरलाल मीणा ने स्वयं गड्ढे खोदें। विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया। पौधों की सुरक्षा के लिए वायर फेंङ्क्षसग की गई। जिसमें मनोज एवं शंभूलाल मीणा ने भी सहयोग प्रदान किया। इतने खुशगवार माहौल एवं स्टाफ साथियों के आपसी तालमेल एवं कार्य करने की भावना को देखकर सरपंच ने विद्यालय में आर्थिक सहयोग के रूप में 11 हजार रुपए प्रदान किए। आगे भी विद्यालय को जरूरत होने पर आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है।यह है विद्यालय में शिक्षक और विद्यार्थी की स्थिति
यहां राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में कुल 90 विद्यार्थियों का नामांकन है। स्टाफ के रूप में 6 में से 5 पद पर अध्यापक कार्यरत है। स्टाफ साथियों का यह मानना है कि अगले वर्ष यह नामांकन दो गुना किया जाएगा। इसके लिए अभी से प्रयास किए जा रहे है। एक ही रंग है पूरे भवन और बाउंड्रीवाल में
यहां विद्यालय को आकर्षक बनाने के लिए पूरे भवन को एक ही कलर में किया गया है। जिसमें स्काई ब्लू से रंगा गया है। इसके साथ ही दीवारों और पीलरों पर आकर्षक चित्र बनाए गए है। शिक्षिका श्रुति भट्ट ने खुद ही यहां विभिन्न चित्र बनाए है। जो आकर्षक लग रहे है।
Published on:
15 Feb 2023 08:04 am
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