राजनीति

लोस, विस चुनाव साथ होने से मतदाताओं भ्रमित नहीं होंगे : प्रभु

उन्होंने कहा, हमें एक साथ दोनों चुनाव कराने के बारे में सोचना चाहिए

less than 1 minute read
Nov 27, 2016
Suresh Prabhu

नई दिल्ली। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने शनिवार को कहा कि अगर देश में विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव एक साथ हुए तो मतदाता भ्रमित नहीं होंगे। रेल मंत्री ने कहा, अगर यह राष्ट्रीयता को बढ़ावा देता है, तो हमें इसके बारे में सोचना होगा या फिर इसे खारिज कर दें। अतीत में हमने पाया है कि लोगों ने एक ही साथ दोनों चुनाव कराने का बुद्धिमानी भरा फैसला लिया था।

सुरेश प्रभु ने इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'वन नेशन वन इलेक्शन' में अपने संबोधन में कहा, उदाहरण स्वरूप, दोनों चुनाव जब एक ही दिन हुए थे, तो प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के मधु दंडवते ने महाराष्ट्र के राजापुर से लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की थी, जबकि उनके विरोधी उस लोकसभा क्षेत्र की सभी छह सीटों पर जीते थे।

उन्होंने कहा, कहने का तात्पर्य यह है कि ऐसा नहीं है कि जब चुनाव अलग-अलग होंगे, तभी लोग दिमाग से काम लेंगे। मतदाताओं में इतनी बुद्धि है कि वे फैसला ले सकते हैं और वे विभिन्न तरीके से सोच सकते हैं। हमें एक साथ दोनों चुनाव कराने के बारे में सोचना चाहिए।

सीईसी कुरैशी ने फैसले की आलौचना की
मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस.वाई.कुरैशी ने हालांकि इस फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा, दल-बदल विरोधी कानून, लोकसभा का समय से पहले भंग होना, नेताओं द्वारा वादे पूरे करना व सुरक्षा प्रबंधन सहित कई मुद्दे हैं। कुरैशी ने हालांकि यह बात कही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित यह विचार राजनीति से प्रेरित नहीं है, क्योंकि यह मांग अतीत में कांग्रेस नेता वसंत साठे भी कर चुके हैं। बाद में, मोदी ने एक साथ चुनाव कराने की योजना पेश की, जो विभिन्न हलकों की मिश्रित प्रतिक्रियाओं से पैदा हुआ। कुछ लोग हालांकि इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का राजनीतिक एजेंडा बताते हैं।

Published on:
27 Nov 2016 12:00 am
Also Read
View All

अगली खबर