
दिल्ली में सेवाओं के अधिकारों को लेकर मंगलवार को लोकसभा में लाए गए विधेयक पर आज चर्चा होगी। चर्चा से पहले ही आम आदमी पार्टी ने इस बिल के पास नहीं होने की भविष्यवाणी की है। वहीं, इस मुद्दे पर सरकार को लगातार दूसरे दलों का समर्थन मिल रहा है। पहले इस बिल पर आंध्र प्रदेश की YSR कांग्रेस ने सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया था, वहीं, मंगलवार को उड़ीसा के सत्तारूढ़ दल बीजू जनता दल ने सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया है।
‘आप’ ने की बिल के गिरने की भविष्यवाणी
बिल पर आज चर्चा शुरू होने से पहले ही राज्यसभा से अनुचित व्यवहार करने के लिए पूरे सत्र के लिए निलंबित पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भविष्यवाणी किया कि दिल्ली सेवा बिल राज्यसभा में गिर जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में हमारे पास पर्याप्त संख्या बल है। वहीं, सरकार के पास पर्याप्त बहुमत नहीं है।
सरकार को कानून बनाने का हक-BJD
वहीं, इस मुद्दे पर बीजू जनता दल (बीजद) ने सरकार का समर्थन किया है। पार्टी सांसद पिनाकी मिश्रा ने कहा कि केंद्र को दिल्ली के संबंध में कानून बनाने का अधिकार है। पार्टी ने अपने लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को सरकार के समर्थन में वोट डालने के लिए व्हिप जारी किया है। अगर हम लोकसभा में संख्या गणित की बात करे तो बिल को पास होने से कोई नहीं रोक सकता। भाजपा के अकेले 301 सदस्य, जबकि राजग को 330 से अधिक सदस्य हैं। वहीं, लोकसभा में किसी भी बिल को पास करने के लिए 272 सांसदों की जरूरत होती है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
इस मुद्दे पर आप को कांग्रेस का साथ मिला है। लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने इस विधेयक को संघीय ढांचे के विरुद्ध बताया है। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर का आरोप है कि जब वह विधेयक को लेकर अपनी बात रख रहे थे, तो उनका माइक ऑफ कर दिया गया था।
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Published on:
02 Aug 2023 10:52 am
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