राजनीति

सदन में बीजेपी ने खेला ऐसा दांव, सपा के सारे विधायक असमंजस में पड़ गए,वेल में धरना पर बैठे या नहीं क्या करें ?

कहते हैं अनुभव बहुत काम आता है। सदन में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना अपने अनुभवों से विपक्ष को चीत करते रहते हैं। आज सदन उनके अनुभवों को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिससे सपा के सभी सदस्य असमंजस में पड़ गए कि क्या करें क्या ना करें ?

Sep 21, 2022 / 01:50 pm

Anand Shukla

यूपी विधानसभा

यूपी विधानसभा मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है। विपक्ष सत्ता पक्ष को घेरने के लिए सदन में मुद्दा उठा रहा है और सरकार को आड़े हाथों लेने की कोशिश कर रहा है । सदन में सत्ता और विपक्ष की तरफ की तरफ खूब तीखी तल्खियां सुनने को मिल रही है। वार-पलटवार जारी है।
ऐसा एक मामला सदन में देखन को मिला। विपक्ष सदन में आजम खान के यूनिवर्सिटी का मद्दा उठाना चाहा लेकिन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि कल को समय दिया गया था बाद में इस मुद्दें पर चर्चा होगी।
इस पर विपक्ष सत्ता पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए वेल में ही धरने पर बैठ गए और बीजेपी के खिलाफ नारे बाजी करने लगे ।

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कहा जाता है अनुभव बहुत काम आता है । सदन में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना समय-समय पर अपने अनुभवों का फायदा सत्ता पक्ष को देते रहते हैं। ऐसे में जब यूपी विधानसभा के वेल में धरने पर बैठे सपा विधायकों के पास एक ऐसा घटना सामने आ गया जब सुरेश खन्ना ने उनके ही फायदे की बात विधानसभा अध्यक्ष बोलें तो तो वे असमंजस में पड़ गए। क्या करें क्या न करें। धरने से उठ कर सीट पर आकर अपने सवालों पर उपस्थिति दर्ज कराएं, आजम खां का मुद्दा उठाएं या फिर वेल में नारेबाजी करते रहें। दृश्य देखने लायक था।
दरअसल जब विधानसभा में अध्यक्ष जरूरी विधायी कार्य निपटा रहे थे। और सपा सदस्य वेल में आकर नारेबाजी कर रहे थे। अध्यक्ष ने सदस्यों द्वारा याचिका की सूचनाएं लिए जाने का एजेंडा रखा और अगले मामले पर आ गए लेकिन संसदीय कार्य के अनुभवी सुरेश खन्ना ने यहीं पर विपक्ष की घेराबंदी की।
उन्होंने कहा कि मान्यवर जो लोग याचिका दाखिल की है उनके नाम पढ़ दिया जाए। जब विधानसभा अध्यक्ष ने उनका नाम पढ़ना शुरू किया तब सपा विधायकों के लिए यह संकट था कि वह जाकरके कुर्सी पर बैंठें या नारे बाजे करे। जो लोग वेल में रहेंगे, वह अनुपस्थिति मानें जाएंगे और लोग अपने कुर्सी पर रहेंगे उनकी ही याचिका को स्वीकार किया जाएगा । इसलिए सपा विधायकों को वेल से भागकर अपने कुर्सी पर आना पड़ा ।
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विधानसभा अध्यक्ष सपा विधायकों पर तंज कसा
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने आखिरी दौर में नियम-56 के तहत विपक्ष से मुद्दे उठाने को कहा तो सपा सदस्य तर्क वितर्क में दिखे। कि क्या करें, क्या ना करें ? महाना ने सपा विधायकों पर चुट्की लेते पुए कहा कि अरे आप लोगों ने ही आजम खान के मुद्दों को उठाने के लिए सदन को सूचना दी थी अब क्या नहीं उठाएंगे? सपा सदस्यों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई कि अब धरने पर बैठे या मुद्दा उठाएं । कुछ सदस्य वेल से उठकर अपनी जगह चले गए, कुछ वहीं पर बैठे रहे ।

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