
अमृतसर उत्तरी से अकाली दल उम्मीदवार अनिल जोशी
नई दिल्ली। Punjab Assembly Election 2022. पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए सभी पार्टियों ने चुनावी प्रचार भी शुरू कर दिया है। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) ने अमृतसर उत्तरी से अपने उम्मीरवार का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने यहां से भाजपा (bjp) के पूर्व मंत्री अनिल जोशी (anil joshi) को मैदान में उतारा है, जिन्होंने हाल ही में अकाली दल का दामन थामा था। पार्टी के मुखिया सुखबीर सिंह बादल (sukhbir singh badal) ने इसका ऐलान किया है।
बसपा से वापस लीं ये सीटें
बता दें कि शिरोमणी अकाली दल (akali dal) ने हाल ही में अपनी सहयोगी बहुजन समाज पार्टी (bsp) से अमृतसर उत्तरी और सुजानपुर विधानसभा सीटों को वापस ले लिया है। बदले में शाम चौरासी व कपूरथला सीटें बहुजन समाज पार्टी के लिए छोड़ी गई हैं। वहीं पार्टी ने अमृतसर उत्तरी से भाजपा के पूर्व मंत्री अनिल जोशी (anil joshi) को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। सुखबीर बादल (sukhbir badal) ने बहुजन समाज पार्टी से इस सीट को वापस लेने और इसे एक और निर्वाचन क्षेत्र देने का वादा किया था।
अकाली दल क्यों नहीं कर रही रैलियां
आमतौर पर किसी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी अपना उम्ममीदवार घोषित करने के बाद जनसभा करती है। लेकिन किसानों का पार्टी के प्रति बढ़ते विरोध को देखते हुए पार्टी ने फिलहाल कुछ दिनों के लिए जनसभा और रैलियां न करने का फैसला लिया है। गौरतलब है कि मोगा (moga railly) में अकाली दल की रैली में बड़ी संख्या में किसानों ने पहुंचकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच झडप भी हुई, वहीं किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज (lathicharge on farmers in moga) भी किया। इस दौरान अकाली दल ने मोगा विधानसभा क्षेत्र से बरजिंदर सिंह बराड़ मक्खन को चुनावी मैदान में उतारने का ऐलान किया था।
गौरतलब है कि पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 (Punjab Assembly Election 2022) को लेकर राज्य की सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। वहीं राज्य की सत्ताधारी पार्टी भी आंतरिक कलह को सुलझाने में लगी है। इसके साथ ही अपने घोषणा पत्र में किए वादों को पूरा करने का प्रयास भी कर रही है, ताकि पार्टी जनता के बीच आत्मविश्वास के साथ जा सके। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भगवंत मान को सीएम उम्मीदवार घोषित करने की मांग कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछले चुनाव में बिना चेहरे के चुनावी मैदान में उतरने से पार्टी को काफी नुकसान हुआ था, हमें ये गलती दोबारा नहीं करनी चाहिए।
Published on:
08 Sept 2021 12:57 pm
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