No video available
अलवर शहर में सागर ऊपर पर मूसी महारानी की छतरी के सामने स्थित है 209 वर्ष प्राचीन बख्तेश्वर महादेव का मंदिर। यहां भगवान शिव माँ पार्वती के साथ दूल्हे-दुल्हन के रूप में राजसी वेश में अपने दोनों पुत्र गणेश व कार्तिकेय जी के साथ विराजमान हैं। ये सभी आदमकद प्रतिमाएं हैं।
इस मंदिर में भगवान शिव का वाहन नंदी जी महाराज व पार्वती माता का वाहन सिंह श्वेत पत्थर से निर्मित है। इसके साथ ही गणेश जी का वाहन मूषक व कार्तिकेय जी का वाहन मयूर काले बेशकीमती संगमरमर पत्थर से निर्मित है। यह मंदिर राजस्थान की मूर्तिकला का बेजोड़ नमूना है।
आज से लगभग 209 वर्ष पहले अलवर के द्वितीय राजा बख्तावर सिंह जी ने पंडित रामदयाल जी सारस्वत के निर्देशानुसार इस मंदिर का निर्माण करवाया था।वर्तमान में पंडित जी की सातवीं पीढ़ी के वंशज भगवान की पूजा-सेवा का कार्य कर रहे हैं। शिवरात्रि पर्व पर इस मंदिर में भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया है। शिव पार्वती यहाँ दूल्हे- दुल्हन स्वरूप में विराजमान हैं,इस कारण महाशिवरात्रि पर्व पर इस स्वरूप में इनकी पूजा-अर्चना मनोवांछित फल प्रदान करने वाली है।