22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Sariska News: तालवृक्ष, टहला, अकबरपुर में सीटीएच एरिया बढ़ने की संभावना 

हां टाइगरों का कुनबा बढ़ रहा है या फिर जहां ज्यादा टाइगर निवास करते हैं, वह एरिया बढ़ेगा और जहां कम हैं और भविष्य में कुनबा बढ़ने की संभावना नहीं है, वह एरिया कम होगा। सरिस्का प्रशासन के पास आए सुझावों के मुताबिक तालवृक्ष, टहला, अकबरपुर में सीटीएच एरिया बढ़ने की संभावना है।

2 min read
Google source verification

Sariska News सरिस्का क्रिटिकल टाइगर हैबीटेट (सीटीएच) का निर्धारण टाइगर ब्रिडिंग पैटर्न पर होगा। यानी जहां टाइगरों का कुनबा बढ़ रहा है या फिर जहां ज्यादा टाइगर निवास करते हैं, वह एरिया बढ़ेगा और जहां कम हैं और भविष्य में कुनबा बढ़ने की संभावना नहीं है, वह एरिया कम होगा। सरिस्का प्रशासन के पास आए सुझावों के मुताबिक तालवृक्ष, टहला, अकबरपुर में सीटीएच एरिया बढ़ने की संभावना है।

इसका समुचित ड्राट सरिस्का प्रशासन को 30 अप्रेल तक तैयार कर सरकार को भेजना होगा। इसकी जांच पांच जगह होगी। यदि ड्राट के जरिए बंद हुई खानों या होटलों को बचाने की कोशिश की गई तो यह सेंट्रल एपावर्ड कमेटी (सीईसी) के निरीक्षण में पकड़ा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में यह ड्राट तभी पेश होगा, जब सीईसी इसे मंजूर कर देगी।

अलवर रेंज में एरिया बढ़ने की संभावना

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही सीटीएच का पुनर्निधारण हो रहा है। इसको लेकर सरिस्का प्रशासन ने अलवर, बानसूर, राजगढ़, रैणी समेत सभी डीएफओ के साथ तीन बैठक की हैं। सरिस्का प्रशासन के मुताबिक, सभी रेंज में टाइगर निवास करते हैं, लेकिन एरिया घटाने व बढ़ाने को लेकर समुचित निर्णय नहीं हो पाया है। अलवर रेंज में एरिया बढ़ने की संभावना है।

राजगढ़ एरिया कुछ कम हो सकता है

राजगढ़ एरिया का सीटीएच कुछ कम हो सकता है। बताते हैं कि इस एरिया में 35 से ज्यादा होटल सीटीएच से एक किमी के दायरे में आ रहे हैं। हालांकि सरिस्का प्रशासन का कहना है कि लोग अफवाह उड़ा रहे हैं कि खानों व होटलों को बचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है, जबकि ऐसा नहीं है।

ड्राट की यहां होगी जांच

सरिस्का प्रशासन की ओर से जैसे ही सीटीएच का ड्राट तैयार किया जाएगा, उसके बाद प्रदेश सरकार इसकी जांच करेगी। केंद्र सरकार के अलावा एनटीसीए जांच करेगी। उसके बाद सीईसी यहां आकर निरीक्षण करेगी। यह देखा जाएगा कि जो एरिया घटाया या बढ़ाया गया है, वह सही है या नहीं, उसके बाद ड्राट सुप्रीम कोर्ट में जमा होगा। उल्लेखनीय है कि सरिस्का सीटीएच एरिया 881 वर्ग किमी में है।

टाइगर ब्रिडिंग पैटर्न पर सीटीएच का निर्धारण होगा। सभी एसडीएम के सुझाव आ गए हैं। यह ड्राट तैयार कर अप्रेल में सरकार को भेजा जाएगा। इसकी पांच जगह पर जांच होगी। सीईसी भी यहां निरीक्षण के लिए आखिर में आएगी। - संग्राम सिंह कटियार, क्षेत्र निदेशक सरिस्का।

यह भी पढ़ें:
Alwar News: बाथरूम में नहाती हुई महिला का बनाया वीडियो, फिर किया रेप