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आंध्र प्रदेश : बिजली की मांग 260 मिलियन यूनिट प्रति दिन तक पहुंचने की उम्मीद

राज्य ने पहले ही 85,727 करोड़ की स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिसमें 1,376 मेगावाट सौर और पवन क्षमता, 1 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) ग्रीन हाइड्रोजन और 11,000 टन प्रति दिन (टीपीडी) संपीडि़त बायोगैस उत्पादन शामिल है।

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Andhra Pradesh: Electricity demand expected to reach 260 million units per day

हैदराबाद . आंध्रप्रदेश में आगामी गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग लगभग 13,700 मेगावाट होगी और बिजली की मांग लगभग 260 मिलियन यूनिट प्रति दिन तक पहुंचने की उम्मीद है। यह बात आंध्र प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और विशेष मुख्य सचिव ऊर्जा, के. विजयानंद ने कही।

उन्होंने शनिवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह बात कही और आगामी गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए कृषि क्षेत्र को नौ घंटे मुफ्त बिजली प्रदान करने और अन्य सभी उपभोक्ताओं के लिए 24×7 निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

राज्य भर में 40,000 नए कृषि कनेक्शन स्वीकृत किए

विजयानंद ने कहा कि सरकार ने राज्य भर में 40,000 नए कृषि कनेक्शन स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 12,846 कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों को शेष कनेक्शन जारी करने में तेजी लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने एपीट्रानस्को, डिस्कॉम, एपीजेनको और अन्य बिजली क्षेत्र की संस्थाओं को विश्वसनीयता, दक्षता और उपभोक्ता संतुष्टि सुनिश्चित करते हुए परियोजना निष्पादन में तेजी लाने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।

मांग के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए योजनाएं बनाई जानी चाहिए कि गर्मियों के दौरान आवश्यक बिजली का बड़ा हिस्सा एपीजेनको द्वारा उत्पन्न किया जाए। राज्य सरकार कोयला खरीद और परिवहन में एपीजेनको को पूर्ण समर्थन प्रदान करेगी।

नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश ने अगले छह वर्षों में 72.6 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता (40 गीगावॉट सौर ऊर्जा, 20 गीगावॉट पवन ऊर्जा, 12 गीगावॉट पंप भंडारण और 0.6 गीगावॉट जैव-ऊर्जा) जोडऩे के लिए प्रतिबद्धता जताई है।

राज्य ने पहले ही 85,727 करोड़ की स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिसमें 1,376 मेगावाट सौर और पवन क्षमता, 1 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) ग्रीन हाइड्रोजन और 11,000 टन प्रति दिन (टीपीडी) संपीडि़त बायोगैस उत्पादन शामिल है।

इसके अलावा, बिजली मंत्रालय ने व्यवहार्यता गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना के तहत 1,000 मेगावाट बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) क्षमता आवंटित करने के लिए अस्थायी रूप से सहमति व्यक्त की है। राज्य ने राष्ट्रीय जल विद्युत निगम (एनएचपीसी) और सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) जैसे केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपयोगिता (सीपीएसयू) घटकों के माध्यम से अतिरिक्त 1,000 मेगावाट / 2,000 मेगावाट क्षमता का अनुरोध किया है।