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यूरोप और अमेरिका की तर्ज पर इस शहर में बनेगा देश का पहला इको हब, खूबियां ऐसी जो आपने सोची भी नहीं होंगी

-सेक्टर 91 में 144 एकड़ में हर्बल गार्डन, सिटी फॉरेस्ट, बायोडाइवरसिटी पार्क और वेटलैंड बनाने का काम किया जा रहा है -जो बनने के बाद यूरोप और अमेरिका के शहरों में विकसित किए गए इको हब की तरह नजर आएग -इससे शहर की खूबसूरती तो बढ़ेगी ही साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा

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यूरोप और अमेरिका की तर्ज पर इस शहर में बनेगा देश का पहला इको हब, खूबियां ऐसी जो आपने सोची भी नहीं होंगी

नोएडा। उत्तर प्रदेश का शो विंडो कहे जाने वाला नोएडा शहर दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुका है। ये प्रदेश को सबसे अधिक राजस्व देने वाला शहर भी है। वहीं इस शहर की खूबसूरती व प्लानिंग के चलते ही बड़ी-बड़ी कंपनियों ने यहां इनवेस्ट कर अपने सेटअप लगाए हैं। अब इस शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए यूरोप और अमेेरिका की तर्ज पर जल्द ही देश का पहला इको-हब भी यहां बनकर तैयार हो जाएगा।

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चार हिस्सों में बनेगा इको-हब

नोएडा के सेक्टर 91 में 144 एकड़ में हर्बल गार्डन, सिटी फॉरेस्ट, बायोडाइवरसिटी पार्क और वेटलैंड बनाने का काम किया जा रहा है। जो बनने के बाद यूरोप और अमेरिका के शहरों में विकसित किए गए इको हब की तरह नजर आएगा। इससे शहर की खूबसूरती तो बढ़ेगी ही साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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इस जगह है प्राकृतिक जैव विविधता

इस प्रोजेक्ट को लेकर प्राधिकरण के अधिकारियों ने सोमवार को प्रस्तावित स्थल पर एक मीटिंग की। जिसमें प्रोजेक्ट को लेकर किए जा रहे सभी कार्यों को देखा गया और निर्देश जारी किए गए। इस बाबत प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसे इको-हब में विकसित कर पशु-पक्षी अभ्यारण के लिए बनाया जा सकता है। यहां पर प्राकृतिक वैटलेंड में सरीसृप, नील गाय, जंगली छिपकली, मोर के अलावा कई जंगली पशु-पक्षी रहते हैं। इसके अलावा तितलियों की कई प्रजातियां, मछलियों के अलावा ब्लैक हेडड इबिस, कैलट एग्रेट जैसी भी कई प्रजातियां यहां निवास करती हैं।

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एनिमल ब्रिज के जरिए मिलेगी कनेक्टिविटी

नोएडा प्राधिकरण के जीएम राजीव त्यागी का कहना है कि इस प्राकृतिक वेटलैंड को जोड़कर जो इको हब बनाया जा रहा है, उसमें तीन और ग्रीन हब शामिल हैं। इन चारों को एक एनिमल ब्रिज के जरिए जोड़ा जाएगा। इस एनिमल ब्रिज को पूरी तरह से ग्रीनरी में तब्दील किया जाएगा। जो कि जानवरों के लिए आने जाने का एक मार्ग भी होगा। इसके साथ ही लोगों के लिए एक सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। इस एनिमल ब्रिज के नीचे पानी होगा जहां तरह-तरह के पशु-पक्षियों को देखे जा सकेंगे।

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144 एकड़ में बनेगा इको हब

144 एकड़ में बनने वाले देश के पहले इको हब में महज 12 एकड़ ही प्राकृतिक वेटलैंड होगा। इसके अलावा बचे हुए क्षेत्र को कृत्रिम रूप से तैयार किया जा रहा है। जिसमें एक तरफ 12 एकड़ के वेटलैंड के साथ ही 25 एकड़ में औषधि पार्क होगा। वहीं दूसरी तरफ 75 एकड़ में बॉयो डायवरसिटी पार्क और 32 एकड़ की ग्रीन बेल्ट होगी। इन्हें जोड़ने के लिए एक एमिनल ब्रिज बनाया जाएगा।