
- सूर्यास्त से सूर्योदय तक हाइवे होना था बंद, लेकिन आदेश को किया स्थगित
- वन्यप्राणियों की सुरक्षा के मद्देनजर 01 अप्रेल से रिजर्व में रात्रिकालीन आवागमन को पूर्णत: बंद रहने का था आदेश
सागर. रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से गुजरने वाला हाइवे वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए मुसीबत बन गया है। इस हाइवे से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजर रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कत रात के समय हो रही है। दरअसल वन्यप्राणियों की मूवमेंट रात के दौरान अधिक रहती है। वहीं रात के दौरान कोर एरिया के हाइवे से तेज रफ्तार में वाहन गुजरते हैं। जिससे सड़क पार करने वाले वन्यप्राणियों के साथ दुर्घटनाओं की संभावना बनी हुई है। करीब सवा महीेने पहले ही टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने वन्यप्राणियों की सुरक्षा को मद्देनजर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कोर एरिया के हाइवे पर सूर्यास्त से सूर्योदय तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। यह आदेश वन्यप्राणियों की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा था, लेकिन आदेश जारी हुए 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि प्रबंधन ने ग्रामीणों और बस ऑपरेटर्स के दबाव में आदेश स्थगित कर दिया। ऐसे में वाहनों की आवाजाही पहले की तरह उसी रफ्तार में जारी है। वहीं वन्यप्राणियों के मूवमेंट के बीच रात के दौरान हाइवे पर वाहनों की धमाचौकड़ी उनके लिए तनाव और परेशानी का सबब बनने के साथ जान के लिए खतरा बन रही है। बता दें कि टाइगर रिजर्व से गुजरने वाले इस हाइवे का करीब 22 किमी का हिस्सा कोर एरिया में आता है। भोपाल, रायसेन, विदिशा, सागर आदि के वाहन जबलपुर आदि जाने के लिए और जबलपुर संभाग के वाहन सागर भोपाल की ओर जाने के लिए इसी हाइवे का उपयोग करते हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि हाइवे पर कितना ज्यादा आवागमन होता है। लिहाजा वन्यप्राणियों की सुरक्षा लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।
मानकों के अनुरूप नहीं सड़क, न अंडरपास न संकेतक
नियमानुसार किसी भी अभयारण्य या टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली सड़क पर वन्यप्राणियों की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जाते हैं। अमूमन ऐसी सड़कों पर अंडरपास बनाए व संकेतक लगाए जाते हैं, लेकिन जानकर हैरानी होगी कि टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली सड़क पर न तो अंडरपास बने हैं और न ही संकेतक लगाए गए हैं। इस संबंध में प्रबंधन का कहना है कि अभयारण्य की स्थापना 1975 में हुई थी। तब अभयारण्य छोटा था, तो इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया था। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अभयारण्य से होकर निकला स्टेट हाइवे कुछ साल पहले ही बनाया गया है, जिसके निर्माण के दौरान नियमों को अनदेखा किया गया। इसकी रिपोर्ट भी पूर्व में तत्कालीन डीएफओ नौरादेही द्वारा मप्र शासन को भेजी थी।
इस वजह से स्थगित किया आदेश
1 अप्रेल से कोर एरिया में गुजरने वाली सड़क पर रात्रि के दौरान वाहनों की आवाजाही रोकने की अधिसूचना जारी हुई, तो ग्रामीण और बस ऑपरेटर्स विरोध में आ गए। ग्रामीणों ने तर्क दिया कि रात में लोगों का आना-जाना रहता है। वहीं बस ऑपरेटर्स ने कहा कि परमिट के चलते रात में बसें गुजरती हैं। इसलिए आदेश वापस लिया जाए। हालांकि प्रबंधन ने आदेश वापस न लेकर कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है।
चुनाव बाद बैठक, फिर कुछ तय होगा
व्यवहारिक समस्याओं को देखते हुए प्रबंधन ने आदेश को अस्थाई रूप से स्थगित किया है। बताया गया है कि आम चुनाव के बाद जून में टाइगर रिजर्व प्रबंधन और जिला प्रशासन की बैठक होनी है। इसी बैठक में अहम निर्णय लिए जाएंगे। संभवत: जिन बसों के रात्रि परमिट हैं, उन्हें चेंज कराया जाएगा। इसी तरह ग्रामीणों को कोर एरिया में वाहनों की रोक कितनी जरूरी, इस बारे में आश्वस्त व जागरूक किया जाएगा।
फिलहाल रिजर्व की टीम लोगों को जागरुक कर रहीं
कोर एरिया में सड़क पार कराने के लिए वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं है। एकमात्र उपाय रात्रि के दौरान वाहनों की आवाजाही रोककर ही जा सकती है। ऐसे में यह व्यवस्था जल्द ही लागू की जाएगी। हालांकि इसके पहले टाइगर रिजर्व की टीम लोगों को जागरुक कर रही है। टीम ने कोर एरिया में सूचना लेख कराई है। ताकि वाहन चालकों को भी आदेश के संबंध में अवगत कराया जा सके।
वर्जन
वन्यप्राणियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता में है। इसलिए कोर एरिया की सड़क पर वाहनों की आवाजाही पर रात के दौरान रोक लगाने के लिए 1 अप्रेल से आदेश लागू कर दिया था, लेकिन ग्रामीणों और बस ऑपरेटर्स ने समस्याएं बताईं। इसलिए आदेश को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया है। चुनाव के बाद जून में कलेक्टर और प्रबंधन की बैठक होगी। इस बैठक के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
एए अंसारी, डीएफओ नौरादेही
Published on:
15 May 2024 08:58 pm
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