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चिकित्सकों की मनमानी पर लगेगा अंकुश, ओपीडी में नियमित देनी होगी सेवा

मेटरनिटी विंग तैयार होने से प्रसूति महिलाओं के उपचार में बढ़ेंगी सुविधाएं

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शहडोल. जिला चिकित्सालय में अब चिकित्सकों की मनामानी खत्म होगी और मरीजों को समुचित इलाज की सुविधा मिल पाएगी। इसके साथ ही मरीजों को अस्पताल में मिलने वाली सुविधा को भी बढ़ाया जाएगा। मेटरनिटी विंग के तैयार हो जाने से प्रसूती महिलाओं के उपचार में और सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। ये बात जिला चिकित्सालय की नई सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने पत्रिका से बातचीत के दौरान कही। सिविल सर्जन ने बताया कि वह अस्पताल का निरीक्षण कर चुकी हैं। कई वार्डों में मरीजों के लिए सुविधा बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। वहीं मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव हैं। निरीक्षण के दौरान वार्डों में साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था के साथ ही ओपीडी में चिकित्कसों की लापरवाही देखने को मिली है, जिसे जल्द ही सुधार करने का प्रयास किया जाएगा।

निर्धारित समय तक देनी होगी सेवा

सिविल सर्जन ने बताया कि अस्पताल आने वाले मरीजों को अच्छी सुविधा मिल सके। इसके लिए सभी चिकित्सकों को ओपीडी के निर्धारित समय तक अपनी सेवाएं देनी होगी। सुबह व शाम की ओपीडी में डॉक्टरों का उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। गौरतलब है कि कुछ दिनों से ओपीडी में समय से पहले ही चिकित्सक अपने चेंबर से उठ जाते हैं। दोपहर 1.30 के बाद अधिकांश डॉक्टर नहीं मिलने से मरीजों को परेशानियों को सामना करना पड़ता था। वहीं शाम की ओपीडी में मरीजोंं की भीड़ लगी रहती थी लेकिन चिकित्सक नहीं पहुंचते थे।

जल्द स्थापित होगा दो वॉटर फिल्टर

सिविल सर्जन ने बताया कि अस्पताल में दो वॉटर कूलर आ चुके हैं, जिन्हें जल्द ही स्थापित कराया जाएगा। गरमी में मरीजों को पेयजल की समस्या न हो इसके लिए अतिरिक्त दो वॉटर कूलर का प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके साथ ही नए मेटरनिटी विंग के हैण्डओवर होते ही प्रसूति महिलाओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएगी। इससे प्रसव संबंधी होने वाली परेशानी से निजात मिलेगा।