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सहकारिता मंत्रालय का उद्देश्य सहकारी समितियों को एक सफल व्यावसायिक उध्यम में बदलना:नरेंद्र मोदी

- ‘स्मार्ट कृषि’ विषय पर वेबिनार: बजट पर हितधारकों के बीच जागरूकता , स्वामित्व की भावना पैदा करने के लिए वेबीनार - सहकारिता देश के सामाजिक-आर्थिक ढांचे की रीढ़ है

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नई दिल्ली। बजट में सहकारिता केर हितधारकों के बीच जागरूकता और स्वामित्व की भावना पैदा करने के लिए केंद्र सरकार ने कृषि और संबद्ध क्षेत्र के लिए ‘स्मार्ट कृषि’ विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया। वेबिनार में ‘सहकारिता से समृद्धि’ विषय पर सहकारिता मंत्रालय ने भी भागीदारी की I प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वेबिनार का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री न रेन्द्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने सहकारिता से जुड़ा एक नया मंत्रालय बनाया है, जिसका उद्देश्य सहकारी समितियों को एक सफल व्यावसायिक उद्यम में बदलना है।

इस एक-दिवसीय वेबिनार के माध्यम से यह सामने आया कि सहकारिता देश के सामाजिक-आर्थिक ढांचे की रीढ़ है और यह एकमात्र ऐसा मॉडल है जो समावेशी विकास लाता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सहकारिता क्षेत्र को गति देने के उद्देश्य से जुलाई २०२१ में नए सहकारिता मंत्रालय का गठन किया था। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को नवगठित सहकारिता मंत्रालय का कार्यभार सौपा गया। ये मंत्रालय शाह के नेतृत्व में नई सहकारिता नीति तथा योजनाओं के सृजन पर कार्य कर रहा है I

सहकारिता मंत्रालय नई सहकार नीति के साथ साथ कई नई योजनायें लाने की ओर अग्रसर है जिसमें हित-धारकों द्वारा दिए गए विभिन्न सुझावों को शामिल किया जाएगा।

सहकारिता मंत्रालय के इस वेबिनार की अध्यक्षता मतस्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री परषोत्तम रुपाला ने की, जिसमें केन्द्रीय सहकार राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने भी सहभागिता की। पशुपालन एवं डेयरी सचिव अतुल चतुर्वेदी, सहकारिता सचिव देवेन्द्र कुमार सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे | इस वेबिनार में सहकारिता के क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संगठनों जैसे AMUL, NCUI, NAFCUB, IRMA, VAMNICOM इत्यादि तथा राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की |

इस वेबिनार के अंतर्गत बजट वर्ष (2022-23) के विभिन्न संस्थानों तथा सहकारिता से जुड़े प्रमुख बिन्दुओं पर चर्चा हुई। वेबिनार में नवनिर्मित मंत्रालय के लिए 900 करोड़ रूपए के बजट का आवंटन प्रस्ताव आया।इसके अलावा सहकारी समितियों पर न्यूनतम वैकल्पिक कर को 18.5% से घटाकर 15% करने तथा 1 से 10 करोड़ रुपये के बीच आय वाली सहकारी समितियों पर एफपीओ की तर्ज पर अधिभार को 12% से घटाकर 7% करने की भी घोषणा | की गई। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण के लिए 350 करोड़ रु. की महत्वपूर्ण राशि का प्रस्ताव पास हुआ। सहकारिता के माध्यम से समृद्धि" के लिए वर्ष 2022-23 में रु. 274 करोड़ का प्रस्ताव है।

इस वेबिनार में विभिन्न संगठनों तथा राज्य सरकारों द्वारा कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए जैसे कि उपयोगोन्मुखी डेटाबेस साझा करने और एक्सेसिबिलिटी नीति का निर्धारण, VAMNICOM, पुणे का राष्ट्रीय महत्व के स्वायत्त संस्थान के रूप में स्थापन, जमीनी स्तर पर ऋण प्रवाह को सुगम करने के लिए सहकारिता क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट का निर्माण, सहकारिता क्षेत्र में ब्रांडिंग, मार्केटिंग का सुदृढ़ीकरण करना, उत्पाद विविधता को सुनिश्चित करना तथा आधुनिक तकनीकी और स्टार्ट-अप द्वारा नवाचार का उपयोग करना।