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Bomb Threat: जल्दी कोर्टरूम खाली करिए…जिला जज का संदेश मिलते ही द्वारका कोर्ट में मची अफरातफरी

Bomb Threat: दिल्ली की द्वारका कोर्ट में बम होने की सूचना से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पूरा कोर्ट परिसर खाली कराया गया। कोर्ट नंबर 511 में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुरमोहिनी कौर ने जिला न्यायाधीश का संदेश मिलते ही वादी और प्रतिवादियों को सावधान कर दिया।

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Bomb Threat: जल्दी कोर्टरूम खाली करिए...जिला जज का संदेश मिलते ही द्वारका कोर्ट में मची अफरातफरी

Bomb Threat: जल्दी कोर्टरूम खाली करिए...जिला जज का संदेश मिलते ही द्वारका कोर्ट में मची अफरातफरी

Bomb Threat: दिल्ली की द्वारका जिला अदालत में उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब कोर्ट में मामलों की सुनवाई कर रही जज को जिला न्यायाधीश का व्हाट्सएप संदेश मिला। इसमें अदालत के अंदर बम होने की सूचना दी गई थी। जिला जज की सूचना मिलते ही सभी कोर्टरूम खाली करवाए जाने लगे। यह घटना सुबह करीब साढ़े 11 बजे की है। उस समय विभिन्न अदालतों के न्यायाधीशों को मोबाइल फोन पर एक संदेश मिला। जिसके बाद उन्होंने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अदालत परिसर खाली करने के निर्देश दिए। सभी वादियों, आरोपियों, वकीलों और अन्य कर्मियों को तत्काल बाहर निकल जाने को कहा गया। न्यायालय में चल रही सभी सुनवाइयों को तत्काल प्रभाव से स्थगित करते हुए अगली तारीख देने के आदेश भी जारी कर दिए गए।

व्हाट्सएप संदेश से शुरू हुई कार्रवाई

अधिवक्ता राजेश कौशिक ने बताया कि घटना के दौरान वह कोर्ट नंबर 511 में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुरमोहिनी कौर की अदालत में मौजूद थे। इसी दौरान न्यायाधीश गुरमोहिनी कौर को जिला न्यायाधीश की ओर से एक व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुआ। इस संदेश को पढ़ते ही न्यायाधीश ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए कोर्टरूम खाली करने और सभी मामलों में अगली तारीख देने के निर्देश दिए। कोर्ट में उपस्थित लोगों को सूचित किया गया कि वे अपनी अगली तारीख और सुनवाई की जानकारी न्यायालय की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही न्यायाधीश ने स्पष्ट कहा कि सभी लोग तुरंत परिसर छोड़ दें क्योंकि यह मामला सभी की सुरक्षा से जुड़ा है।

अदालत परिसर में भारी सुरक्षा बल तैनात

संदेहास्पद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। अदालत परिसर के भीतर और बाहर भारी पुलिसबल की तैनाती कर दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने अदालत के हर कोने को सील कर दिया। प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद कर दिए गए और केवल अधिकृत कर्मियों को ही सीमित हिस्सों में प्रवेश की अनुमति दी गई। हालांकि वकीलों के चैंबर ब्लॉक को खाली नहीं कराया गया है और कई वकील अभी भी अपने चैंबरों में मौजूद हैं। परिसर की सघन तलाशी की जा रही है। जिसमें बम स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां जुटी हुई हैं।

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न्यायाधीश चैंबर में सुरक्षित

हालांकि आम जनता और वादकारियों को परिसर से बाहर निकाल दिया गया है, लेकिन न्यायाधीश अपने चैंबरों में सुरक्षित रूप से मौजूद हैं। अदालतकर्मी भी उसी भाग में हैं। जहां आम नागरिकों का प्रवेश प्रतिबंधित होता है और सुरक्षा सख्त रहती है। इसलिए उस हिस्से को खाली कराने की जरूरत नहीं पड़ी। सुरक्षा एजेंसियों का प्राथमिक आकलन है कि यह किसी शरारती तत्व की करतूत हो सकती है, क्योंकि अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। हालांकि दिल्ली में पिछले कुछ महीनों में इस प्रकार की धमकियों की घटनाएं लगातार सामने आई हैं। विशेषकर स्कूलों और अस्पतालों को बार-बार निशाना बनाया गया है।

स्कूलों और अस्पतालों को भी मिलीं धमकियां

8 दिसंबर को दिल्ली के करीब 40 स्कूलों को धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए थे, जिनमें स्कूलों को बम से उड़ाने और 30 हजार अमेरिकी डॉलर की फिरौती मांगी गई थी। 13 दिसंबर को डीपीएस ईस्ट ऑफ कैलाश, सलवान स्कूल, मॉडर्न स्कूल और कैम्ब्रिज स्कूल सहित 16 स्कूलों को बम धमकी मिली। इसके बाद 16 दिसंबर को एक बार फिर 20 स्कूलों को धमकी मिली। 17 दिसंबर को 2 स्कूलों को इसी प्रकार की धमकी भेजी गई। दिल्ली के प्रमुख अस्पताल भी इस तरह की धमकियों से अछूते नहीं रहे हैं। मई और अगस्त 2024 में एम्स, सफदरजंग, जीटीबी, गंगाराम, दीन दयाल उपाध्याय, बुराड़ी और संजय गांधी अस्पताल जैसे कई बड़े अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए थे।