Waqf Bill: लंबी बहस के बाद वक्फ संशोधन बिल लोकसभा से पारित हो गया है। इन चार पांइंट्स से समझें वक्फ संशोधन बिल के कानून बन जाने के बाद क्या क्या बदलाव होने जा रहा है।
Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल लोकसभा से पारित हो गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और विपक्ष के सांसदों ने अपने-अपने पक्ष रखे। करीब 12 घंटे की मैराथन चर्चा के बाद बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े तो वहीं इसके खिलाफ 232 वोट मिले। आज इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति के पास अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा। आइये जानते है वक्फ संशोधन बिल के कानून बन जाने के बाद क्या क्या बदलेगा।
पहले: किसी भी धर्म का व्यक्ति वक्फ को संपत्ति दान कर सकता था।
अब: केवल प्रैक्टिसिंग मुस्लिम (कम से कम पांच साल से) ही अपनी संपत्ति वक्फ को दे सकता हैं, जो 2013 से पहले के प्रावधान को बहाल करता है।
पहले: वक्फ कानून के धारा- 40 के तहत बोर्ड मनमाने ढंग से संपत्ति पर दावा कर सकता था।
अब: यह संशोधिन विधेयक धारा- 40 को हटाता है, जिससे वक्फ बोर्ड की मनमानी पर रोक लगेगी।
पहले: वक्फ की संपत्तियों पर 58 हजार से अधिक अतिक्रमण के मामले चल रहे हैं।
अब: केंद्रीकृत डिजिटल पोर्टल वक्फ संपत्तियों को ट्रैक करेगा, जिससे बेहतर पहचान, निगरानी और प्रबंधन सुनिश्चित होगा। वक्फ बोर्डों के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
पहले: वक्फ संपत्तियों का धार्मिक और सामाजिक कल्याण की जरूरतों को पूरा करने का प्रावधान, लेकिन कुप्रबंधन के चलते ऐसा नहीं होता था।
अब: ऑडिटिंग और अकाउंटिंग उपायों से वित्तीय कुप्रबंधन पर अंकुश लगेगा। इससे मिलने वाले फंड का इस्तेमाल वंचितों के स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, आवास और आजीविका के लिए सहायता प्रदान करने में होगा।
—स्कूलों और मदरसों का निर्माण व रखरखाव
—महिलाओं की भागीदारी, पारदर्शिता सुनिश्चित
—मुस्लिम लड़कियों के लिए छात्रवृत्ति
—महिला उद्यमियों के लिए कौशल विकास और माइक्रोफाइनेंस सहायता
—फैशन डिजाइन, स्वास्थ्य सेवा और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण
—उत्तराधिकार विवादों और घरेलू हिंसा मामलों के लिए कानूनी सहायता केंद्रों की स्थापना
—विधवाओं के लिए पेंशन योजनाएं