
Ashok mahto Lalan singh and Anant Singh
Munger Lok Sabha Voting today: बंगाल के अंतिम नवाब मीर कासिम (Mir Qasim fort Munger) ने जब मुंगेर में राजधानी शिफ्ट की थी तो गंगा (Ganga River) तीरे भव्य किले का भी निर्माण कराया था। समय के साथ नवाब की सल्तनत तो चली गई लेकिन उनका किला 2024 के लोकसभा चुनाव में बाहुबलियों के सियासी वर्चस्व की रोचक लड़ाई का गवाह बन रहा है। मुंगेर के सियासी किले को जीतने के लिए यहां बाहुबलियों का अखाड़ा सजा हुआ है। साहेब, बीवी और गैंगस्टर जैसी कहानी फिजाओं में तैर रही है। बेगूसराय से एनएच 31 पर सवा घंटे की दूरी तय कर मैं मुंगेर पहुंचा तो दूसरी सीटों की तुलना में यहां चुनावी रंग कुछ ज्यादा ही चटख दिखा। यहां विपक्ष ने अगड़ा बनाम पिछड़ा रंग देने की कोशिश की है तो एनडीए डैमेज कंट्रोल के लिए दलित से लेकर अति पिछड़ा जातियों की नेताओं की यहां सभाएं कराने में जुटा है। यहां 17 साल बाद जेल से छूटे कई नरसंहार और नवादा जेल ब्रेक कांड के आरोपी रहे गैंगस्टर अशोक महतो (Nawada Jailbreak Accused Ashok Mahto) की पत्नी अनीता चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने नीतीश कुमार के चाणक्य कहे जाने वाले जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह (JDU Leader Rajeev Ranjan alias Lalan Singh) हैं।
यह वही अशोक महतो (Ashok Mahto) हैं जिन पर नेटफ्लिक्स पर पर 'खाकी-द बिहार चैप्टर' सीरीज (Khaaki the Bihar Chapter OTT Series) बन चुकी है। अशोक महतो और जदयू प्रत्याशी राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह का समर्थन कर रहे अनंत सिंह जैसे बाहुबलियों को कोई खौफ का पर्याय बताता है तो कोई अमीरों से लेकर गरीबों को संरक्षण देने वाला रॉबिनहुड।
इस चुनाव ने ललन सिंह और बाहुबली अनंत सिंह (Gangster Anant Singh) को सियासी दुश्मन से दोस्त बना दिया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में अनंत सिंह की कांग्रेस उम्मीदवार पत्नी को ललन सिंह ने 1.67 लाख वोटों के अंतर से हराया था। लेकिन, आज अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी घूम-घूमकर ललन सिंह के लिए ही वोट मांग रहे हैं। यहां हर व्यक्ति की जुबान पर चर्चा है कि बाहुबली अशोक महतो के मुकाबले के लिए दूसरे बाहुबली अनंत सिंह की पैरोल पर रिहाई कराई गई है। 2020 में अनंत सिंह मोकामा से चौथी बार विधायक बने थे लेकिन घर से एके-47 (AK-47)और कारतूस मिलने के मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा और 10 साल की सजा होने पर विधायकी चली गई। जिसके बाद अनंत सिंह की पत्नी आरजेडी के टिकट पर 2022 के उपचुनाव में विधायक बनीं। हालांकि, नीतीश कुमार के एनडीए में फिर से आने पर अनंत सिंह की पत्नी भी राजद छोड़ नीतीश के साथ आ गई थीं।
मुंगेर से दो किमी दूर चंडी स्थान मंदिर पर मौजूद मिले सुकेश कुमार कहते हैं कि स्थानीय सांसद ललन सिंह के प्रति जनता में काफी नाराजगी हैं। कोविड में वे कहीं जनता की मदद करते नही दिखे लेकिन मोदी के नाम पर बेड़ा पार हो जाएगा। रेखा देवी कहती हैं कि अशोक महतो के अपराध के बारे में बहुत कुछ लोग चुनाव में बोल रहे हैं इसलिए ऐसे व्यक्ति की पत्नी को वोट जनता नहीं करेंगी। वहीं भरत कुमार कहते हैं कि मुंगेर में पत्थर उद्योग बंद होने के कारण गरीब मजदूर पलायन कर रहे हैं।
पेशे से अधिवक्ता सुधांशु कुमार कहते हैं कि मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास तो हुआ है, लेकिन निर्माण पूरा नहीं हुआ। मोकामा के रेफरल अस्पताल को ट्रॉमा सेंटर बनाने की मांग अब तक नहीं पूरी हुई। राजेंद्र प्रसाद कहते हैं कि देश का चुनाव है तो मोदी को देखकर लोग वोट करेंगे। जमालपुर के पाटम क्षेत्र के कुछ किसानों ने कहा कि उचित संरक्षण न मिलने से पान की खेती घाटे का सौदा साबित हो हो रही है। मुंगेर में विपक्ष ने लड़ाई को अगड़ा बनाम पिछड़ा रंग देने की कोशिश की है। राजद से चुनाव लड़ रहीं अशोक महतो की पत्नी अनीता जहां पिछड़ा वर्ग की कुर्मी जाति से आती हैं तो जदयू के प्रत्याशी ललन सिंह भूमिहार हैं और उनका समर्थन कर रहे बाहुबली अनंत सिंह भी भूमिहार हैं। दूसरी तरफ राजद समर्थक पिछड़ी जातियों के बीच घूम-घूमकर कह रहे हैं कि अशोक महतो ने भूमिहारों और अगड़ी जातियों के उत्पीडऩ के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जिसके कारण उनहें जेल जाना पड़ा था। अगड़ा बनाम पिछड़ा रंग देने की कोशिश से चिंतित एनडीए यहां एलजेपी मुखिया चिराग पासवान से लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी डैमेज कंट्रोल के लिए एक्टिव हैं। प्रधानमंत्री मोदी भी मुंगेर में रैली कर चुके हैं।
Published on:
13 May 2024 04:33 pm
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