
UGV In Army: सीमावर्ती क्षेत्रो में घुसपैठ और तस्करी पर नजर रखने के लिए अब हमारे देश को किसी जवान की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि मेक इन इंडिया के तहत एक ऐसा ऑटोमेटिक वाहन डेवलप किया गया है जो बेहद मजबूत और आधुनिक उपकरणों से लैस है। इस मानव रहित वाहन का नाम UGV (Unmanned Ground Vehicle) है। इसे बहुत जल्द ही भारतीय सेना में शामिल करने की योजना है। बता दें कि ऐसे वाहन कई पश्चिमी देशों बहुत पहले से प्रयोग कर रहे हैं। यह वाहन कई आधुनिक उपकरणों से लैस है, जिससे सीमावर्ती और नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्विलांस किया जाएगा। यह वाहन एक तरह से चलता-फिरता CCTV कंट्रोल रूम है, जो बिना किसी शख्स के हर जगह की निगरानी करेगा।
कई खूबियों से है लैस
जब सेना को किसी भी समय बड़ी मात्रा गोला-बारूद, अन्य विस्फोटक या दूसरे जरूरी सामान की जरुरत पड़ेगी तो यह CCTV से लैस वाहन रिमोट कंट्रोल के जरिए मौके 750 किलो तक सामान मौके पर पहुंचा सकेगा। यह वाहन मेड इन इंडिया है। यह वाहन केमिकल स्प्रे की टेक्नोलॉजी से लैस है। कल्याणी ग्रुप ने इस उपयोगी वाहन को बनाया है। इसे महाराष्ट्र के पुणे से तैयार किया गया है। मानव रहित इस वाहन के दो वेरिएंट हैं। पहल है व्हिल वर्जन है यानी इसमें टायर लगा होता है। जबकि बर्फीले पहाड़ों में बिना किसी रुकावट के चलने के लिए दूसरे वेरिएंट को तैयार किया गया है।
इस वाहन की मदद से सेना बिना किसी जवान को खतरनाक एरिया में भेजे ही सर्विलांस कर सकेंगे। 10 किलोमीटर की रेंज में एक परिंदा भी अगर उड़ रहा होगा तो वो इसमें लगे CCTV कैमरे की नजर में आ जाएगा। इस वाहन के जरिए ऑपरेशन के वक्त जवानों के जरुरी सामानों को भी लाया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर यह वाहन फायर फाइटिंग, केमिकल स्प्रे जैसे आधुनिक तरीके से दुश्मनों को जवाब देने में सक्षम है।
सीमावर्ती इलाके में इस तैनात करने के बाद आने वाले दिनों में इसका उपयोग नक्सल प्रभावित राज्यों जैसे झारखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा जैसे राज्यों में भी किया जा सकता है। इस वाहन की मदद से नक्सल प्रभावित इलाकों में आसानी से उन इलाकों के बारे में जानकारी मिल पाएगी जहां नक्सली छुपे हुए या रह रहे होंगे।
Published on:
30 Sept 2023 04:08 pm
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