
General Atomics MQ-9 Reaper : भारत की अमरीका के साथ टू प्लस टू वार्ता संपन्न हो चुकी है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अमरीकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन के साथ कई अहम मुद्दों पर बातचीत की है। इस वार्ता से सबसे बड़ी बात यह सामने निकल कर आई कि अमरीकी युद्धक ड्रोन एमक्यू-9बी बहुत जल्द भारत को मिल जाएगा। यह वही ड्रोन है जिसने दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी अल जवाहिरी को काबुल में 31 जुलाई 2022 को मार गिराया था। इस हमले को MQ-9B रीपर ड्रोन से अंजाम दिया गया था। अमरीकी रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने भी कहा है कि भारत को ड्रोन क्षमता जल्द से जल्द मिले। इसके लिए अमरीकी सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
31 ड्रोन खरीद रहा भारत
रक्षा मंत्रालय तीनों सेनाओं के 31 एमक्यू-9 बी हंटर किलर ड्रोन खरीद रहा है। इसमें से 15 ड्रोन भारतीय नौ सेना को मिलेंगे। आठ-आठ ड्रोन भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना को दिए जाएंगे। इसके लिए औपचारिक अनुरोध पहले ही भेजा जा चुका है। इसकी खरीद प्रकिया को लेकर किया जाने वाला अनुबंध इसी वित्त वर्ष में पूरा करने की तैयार है।
25 हजार करोड़ रुपए की डील
तीनों सेनाओं के 31 एमक्यू-9 बी हंटर किलर ड्रोन की यह डील करीब 25 हजार करोड़ रुपए की है। भारत की सुरक्षा की नजर से यह डील बेहद अहम है। इससे सुरक्षाबलों की ताकत में काफी इजाफा होगा। जमीन से लेकर समुदंर तक दुश्मनों पर नजर रखने और निपटाने में मदद मिलेगी। इससे निगरानी बढ़ेगी और संभावित किसी खतरे रोकने की क्षमता में भी काफी इजाफा होगा।
सहायता से लेकर श्मशान तक
इन ड्रोन्स का इस्तेमाल मानवीय सहायता, आपदा राहत, खोज और बचाव, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, एंटी-सरफेस वॉरफेयर और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर में किया जा सकता है। इसे खुफिया जानकारी जुटाने और निगरानी के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। इतनी ही नहीं दुश्मनों को श्मशान पहुंचाने का काम भी यह बखूबी करता है।
ये है MQ-9B ड्रोन की खासियत है?
Published on:
12 Nov 2023 09:31 am
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