मोसुल से आतंकियों ने 80 लोगों का अपहरण किया था। इसमें से 40 भारतीय थे और 40 बांग्लादेशी। आतंकी सभी को बादूश जेल लेकर गए। हरिजीत भी उन्हीं 40 में से एक है। आतंकियों ने तीन साल पहले हरजीत को छोड़ दिया था। हरजीत ने बताया कि आतंकियों ने उसे भी गोली मारी थी, पर वो बच गया। इसके बाद उन्होंने खुद को बांग्लादेशी बताया और वहां से भाग निकला। मोसुल से भागकर हरिजीत हिंदुस्तान आए।