
कीर समाज ने निकाली रैली, सीएम को याद दिलाई तीन बार की गई घोषणा
पिपरिया. कीर समाज ने आरक्षण की मांग को लेकर शनिवार को मोर्चा खोल दिया। इस दौरान कई जिलों के समाजजनों ने आरक्षण सूची में समाज को शामिल करने की मांग को लेकर मुख्य मार्गों से रैली निकाली। इसके बाद तहसील पहुंचकर सीएम के नाम अतिरिक्त तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। समाजजनों का कहना था सीएम तीन बार आरक्षण देने की घोषणा कर चुके हैं लेकिन इस पर अभी तक अमल नहीं हो सका है।
कीर समाज का नारा है आरक्षण हमारा है, हम अपना अधिकारी मांगते नहीं किसी से भीख मांगते के नारे लगाते महिला पुरुषों ने शहर के मुख्य मार्गों से रैली निकाली। हाथों में मांग की तख्तियां लिए महिला युवा शामिल रहे।
तहसील कार्यालय पहुंच कीर समाज ने आरक्षण नहीं मिलने पर विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को विधानसभा में पारित संकल्प याद दिलाते हुए आरक्षण सूची में समाज को शामिल करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री के नाम समाज ने अतिरिक्त तहसीलदार अजय कुमार सिहारिया को ज्ञापन सौंपा। गांधी वार्ड पार्षद हरीश बेमन ने मांग के समर्थन में कीर समाज का अतिरिक्त तहसीलदार के समक्ष पक्ष रखा। इस मौके पर बड़ी संख्या में महिला पुरुष, युवा विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। ज्ञापन देते समय ममता कीर, घनश्याम कीर, मदन लाल, गोविंद प्रसाद दिलीप सिंह, शंकर लाल, दीप्ति कीर मिस्टर कीर, एनपी कीर, धनराज कीर, सज्जन सिंह, कमल सिंह, गंगाराम, रामफूल आदि सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
१९८२ में विलोपित हुआ था आरक्षण- कीर समाज १९८२ तक संविधान के अनुच्छेद ३४२ में सम्मिलत होकर अनुसूचित जन जाति वर्ग में शामिल था। मप्र शासन की गठित कमेटी ने १९८२ अनुसंधान रिपोर्ट को आधार मानकर जाति २००३ में आरक्षण सूची से विलोपित कर दिया था।
मुख्यमंत्री ने दिया था आश्वासन- समाज का कहना है कि आरक्षण का लाभ देने की घोषणा पूर्व में मुख्यमंत्री ने २००६, ०८, १० वर्ष में कर चुके हैं लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ है। २००३ से २०१६ तक समय-समय पर तीन बार अशासकीय विधानसभा संकल्प सूची में शामिल करने पारित हो चुका है। संकल्प के आधार पर कीर समाज ने मुख्यमंत्री से अजजा में कीर समाज को शामिल करने की मांग की है।
Published on:
20 Aug 2018 02:57 pm
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