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वीडियो : पद्मश्री भांभू ने कहा – ऐसे ही बर्बादी होती रही तो भविष्य में पानी मिलना मुश्किल

विश्व जल दिवस पर राजस्थान पत्रिका एवं प्रकृति सारथी फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में मनाया पेड़ों का जन्मदिन

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नागौर. शहर के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में शनिवार को राजस्थान पत्रिका एवं प्रकृति सारथी फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में विश्व जल दिवस मनाया गया। इस मौके पर आयोजित संगोष्ठी में अतिथियों ने जल की महत्ता के बारे में बताया। इसके बाद कोरोना काल से पूर्व आईटीआई परिसर में पर्यावरण प्रेमी सुखराम चौधरी के नेतृत्व में लगाए गए पौधों का पेड़ बनने पर पानी पिलाकर जन्मदिन मनाया गया।

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता पद्मश्री हिम्मतारामभांभू ने कहा कि समय रहते हम नहीं चेते तो भविष्य में पानी मिलना मुश्किल हो जाएगा। मनुष्य विकास की अंधी दौड़ में विनाश ज्यादा कर रहा है। हमारे पूर्वजों ने जल को देवता माना है, इसलिए जल पूजा होती है, लेकिन आज हम जल को व्यर्थ बहाकर अपमान कर रहे हैं, उसका खमियाजा आने वाली पीढि़यों को भुगतना पड़ेगा। भांभू ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के लोग पानी की कीमत समझते हैं, लेकिन नहर का पानी आने से युवा पीढ़ी महत्व भूल रही है।

मिर्धा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डाॅ. शंकरलाल जाखड़ ने कहा कि पानी की बर्बादी रोकें तथा भविष्य को सुरक्षित बनाएं। पढ़े-लिखे लोग पानी की बर्बादी ज्यादा कर रहे हैं, उन्हें पानी की कीमत समझने की आवश्यकता है। उद्यमी भोजराज सारस्वत ने कहा कि अब तो सरकार ने उद्यमियों को भी फैक्टरियों का पानी जमीन में उतारने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि साधन बढे तो पानी बर्बादी बढ गई, लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि बर्बादी होगी तो जल संकट बढेगा। हमारे भविष्य को सुरक्षित रखना है तो पानी को बचाना होगा। हमारे भविष्य को सुरक्षित रखना है तो पानी को बचाना होगा।

ग्लेशियर को बचाने की जरूरत

डाॅ श्वेता डिडेल ने कहा कि विश्व जल दिवस 2025 की थीम ‘ग्लेशियरसंरक्षण’ है। ग्लेशियर जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं, उनका पिघला हुआ पानी पेयजल, कृषि, उद्योग, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए आवश्यक है। ग्लेशियर पिघल रहे हैं, अपने बच्चों के लिए पानी सुरक्षित रखने के लिए ग्लेशियर को बचाने की जरूरत है। डिडेल ने कहा कि बूंद बूंद से घड़ा भरता है, दैनिक जीवन में पानी बचाने का संकल्प लें। पानी को रीयूज करें। वाटर प्यूरीफायर का वेस्ट पानी दूसरे काम में लें। जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएं।

पानी बचाएं, पेड़ लगाएं

कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष हनुमान बांगड़ा ने कहा कि पानी बचाने का संकल्प लें और अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, ताकि बारिश ज्यादा हो। जलदाय विभाग के एक्सईएन रमेशचंद्र चौधरी ने कहा कि हमारे यहां पानी की कमी नहीं, लेकिन गुणवत्तापूर्ण पानी की कमी है। शुद्ध पानी नहीं है, इसलिए पानी उपयोग को लेकर मितव्ययी बनें। आईटीआई के उपनिदेशक गौरव फुलवारिया ने कहा कि जल दोहन में नागौर, प्रदेश में पांचवें स्थान पर है, यह चिंताजनक है। समय रहते हमें चेतने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में मंच संचालन वरिष्ठ अनुदेशक हनुमानराम भाकर ने किया।