24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खरनाल में बिना सीमेंट-बजरी मार्बल से बनेगा तेजाजी का भव्य मंदिर

सीमेंट, बजरी व गारे की जगह होगा तांबा, पीतल व सीसा का उपयोग- राम मंदिर की तर्ज पर 30 फीट भरी जाएगी नींव, मंदिर में कहीं नहीं होगा लोहे के सरिये का उपयोग - पूरा मंदिर मकराना के उच्च क्वालिटी के मार्बल से होगा तैयार

2 min read
Google source verification
Tejaji's grand temple will be built in Kharnal without cement-gravel

Tejaji's grand temple will be built in Kharnal without cement-gravel

नागौर. लोक देवता वीर तेजाजी की जन्मस्थली खरनाल गांव में प्राचीन मंदिर की जगह राम मंदिर की तर्ज पर भव्य मंदिर बनाया जा रहा है, जो न केवल भूकम्प रोधी होगा, बल्कि पूरे मंदिर में कहीं भी लोहे के सरिये का उपयोग नहीं किया जाएगा। नींव भरने के बाद मंदिर निर्माण में कहीं पर भी सीमेंट, बजरी व कंकरीट का उपयोग भी नहीं होगा। पूरा मंदिर मकराना के उच्च गुणवत्ता वाले मार्बल से तैयार होगा। मंदिर के लिए तैयार मार्बल के पत्थरों (मेल-फिमेल) को आपस में इंटरलॉक किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर तांबा, पीतल व सीसा का उपयोग किया जाएगा।

100 करोड़ का प्रोजेक्ट

खरनाल में वीर तेजाजी का भव्य मंदिर बनाने के लिए 100 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इसमें सबसे बड़ा सहयोग जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजयसिंह चौटाला दे रहे हैं। मंदिर निर्माण समिति से जुड़े रणजीत धौलिया ने बताया कि तेजाजी मंदिर में मकराना के उच्च क्वालिटी के मार्बल का उपयोग होगा। मंदिर में लगने वाले मार्बल को घड़ने (तैयार) का ऑर्डर दिया जा चुका है।

8100 वर्ग फीट में बनेगा मंदिर

मंदिर के लिए तेजाजी के प्राचीन मंदिर सहित आसपास खरीदी गई जमीन को मिलाकर 90 गुणा 90 वर्ग फीट में 20 फीट गहराई में खुदाई की जा रही है। मंदिर को भूकम्प रोधी बनाने के लिए नींव में एक परत सीमेंट, बजरी व कंकरीट की तथा एक परत जोधपुर के बड़े-बड़े पत्थरों की बिछाई जाएगी। कुल 20 फीट जमीन में तथा 10 फीट जमीन से बाहर ऊंचाई लेकर मंदिर का निर्माण किया जाएगा।

87 फीट ऊंचा होगा मंदिर

वीर तेजाजी का मंदिर 90 गुणा 90 वर्ग फीट में बनेगा, जिसका गुबंद 87 फीट ऊंचा होगा। मंदिर में मकराना के उच्च गुणवत्ता वाले मार्बल उपयोग किया जाएगा, जिसकी कीमत मंदिर में लगने तक करीब 10 हजार रुपए घन फीट आएगी। मंदिर में सीमेंट, बजरी की जगह तांबा, पीतल व सीसा का उपयोग होगा।- सुखराम खुड़खुडि़या, अध्यक्ष, अखिल भारतीय वीर तेजा जन्म स्थली संस्थान, खरनाल।